ग्राम सभा सशक्त: बचेली में समुदय वन संसाधन अधिकार पर मुहर, सरपंच पंच ग्रामीणों ने जताई खुशी
दंतेवाड़ा : वन अधिकार अधिनियम 2006 की धारा 3(1)(i) के तहत ग्राम पंचायत बचेली को सामुदायिक वन संसाधन CFR का अधिकार पत्र प्रदान किया गया। शुक्रवार को बैलाडीला पहाड़ी इलाकों में चारों तरफ से सर्वे किया गया
ग्राम सभा में बीट फॉरेस्ट ऑफिसर BFO राजेश कर्मा ने सरपंच गोविंद कुंजाम उप सरपंच महेश ठाकुर ग्राम सभा अध्यक्ष विशल कर्मा एवं वन समिति अध्यक्ष श्रावण नाग सचिव संध्या मंडावी हेक्टेयर*40.3% वन क्षेत्र का *CFR मान्यता पत्र सौंपा। इस दौरान पंच भुनेश्वर कुंजाम सुमंत मंडावी घासी राम नाग मनोज नाग रोजगार सहायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
GPS- सर्वे से सीमांकित इस वन क्षेत्र में अब तेन्दूपत्ता, महुआ, चार, तिखुर, बांस एवं अन्य गौण वनोपज के संग्रहण, उपयोग एवं प्रबंधन का अधिकार ग्राम सभा के पास होगा। पेसा नियम 2022 के तहत ग्राम सभा ही अब परिवहन परमिट जारी करेगी और 100% आय ग्राम विकास निधि में जमा होगी।
BFO राजेश कर्मा ने कहा, “CFR मिलने के बाद वन विभाग की भूमिका तकनीकी सहयोग तक सीमित रहेगी। जंगल की सुरक्षा, आग बुझाना, अवैध कटाई रोकना — ये सब अब वन प्रबंधन समिति के जिम्मे है।”
सरपंच गोविंद कुंजाम ने बताया, “हमारे पुरखे *3 पीढ़ी से इस जंगल से जीवन चलाते आए हैं। पट्टा मिलने से अब बांस डिपो, तेन्दू फड़ गांव में लगेंगे। युवाओं को रोजगार मिलेगा।”
वन समिति अध्यक्ष श्रावण नाग ने कहा, “ग्राम सभा ने *धारा 5 के तहत वन प्रबंधन योजना बनाना शुरू कर दिया है। हर घर से एक सदस्य वन सुरक्षा दल में रहेगा।”
ग्रामीण सुकमन मंडावी बुधरू मंडावी ने खुशी जताते हुए कहा, “पहले महुआ बीनने भी डर लगता था। अब जंगल हमारा है।”
CFR के तहत ग्राम सभा को वन भूमि बेचने का अधिकार नहीं है, पर सतत प्रबंधन कर आय अर्जित कर सकती है। दंतेवाड़ा जिले में अब तक 87 ग्राम सभाओं को CFR अधिकार मिल चुका है।
रिपोर्टर : ए आर कर्मा

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