कस्तूरबा विद्यालय वापस लाने की मांग तेज, चेतावनी—अब होगा उग्र आंदोलन

दंतेवाड़ा - जिले के ग्राम पंचायत बड़े लखापाल में शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर विवाद गहराता जा रहा है। गांव के सैकड़ों बच्चों,विशेषकर बालिकाओं के भविष्य से जुड़ा मामला अब जनआंदोलन का रूप लेने लगा है। वर्ष 2008 से बड़े लखापाल में संचालित हो रहा कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय वर्ष 2016 में अचानक बिना ग्रामसभा की सहमति और ग्रामीणों को विश्वास में लिए कटेकल्याण स्थानांतरित कर दिया गया। इस निर्णय से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और वे लगातार विद्यालय को उसके मूल स्थान पर पुनः संचालित करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह विद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं था, बल्कि बड़े लखापाल सहित आसपास के कई आश्रित गांवों की बेटियों के लिए शिक्षा का सबसे बड़ा सहारा था। आवासीय सुविधा होने के कारण दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राएं सुरक्षित वातावरण में रहकर पढ़ाई कर पाती थीं। लेकिन विद्यालय के स्थानांतरण के बाद अब उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे कई बच्चियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

इसी मांग को लेकर गांव के सरपंच,सचिव, युवा और बड़ी संख्या में ग्रामीण सातवीं बार कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर दैवेश कुमार ध्रुव तथा जिला शिक्षा अधिकारी से मुलाकात कर अपनी मांग दोहराई। ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार ज्ञापन और चर्चा के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उनका आरोप है कि इस बार भी उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला,जिसके कारण वे मायूस होकर वापस लौटे। ग्रामीणों के अनुसार बड़े लखापाल हाई स्कूल में वर्तमान में 100 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यालय परिसर के समीप कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय संचालित होने से छात्राओं को सुरक्षित आवास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा था। लेकिन स्थानांतरण के बाद कई अभिभावक अपनी बेटियों को इतनी दूर भेजने में असमर्थ हैं,जिसके चलते कुछ छात्राओं की पढ़ाई बीच में ही छूट गई है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय योजना का उद्देश्य ग्रामीण,आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों की बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। ऐसे में बिना स्थानीय सहमति के विद्यालय का स्थानांतरण योजना की मूल भावना के विपरीत है। 
उन्होंने प्रशासन से इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए विद्यालय को पुनः बड़े लखापाल में संचालित करने की मांग की है।
गांव के सरपंच दिनेश मरकाम ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो पूरा गांव उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि यह किसी एक संस्था का नहीं, बल्कि गांव की बेटियों और उनके भविष्य का सवाल है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर व्यापक जनआंदोलन करेंगे।
युवा छात्र संगठन अध्यक्ष तुलसी मरकाम ने बताया कि लगातार इस समस्या को लेकर जिला प्रशासन से मुलाकात की जा रही है परंतु शासन प्रशासन शिक्षा अधिकारी द्वारा संतोष जनक जवाब नहीं मिल पाने के कारण गांव वालों में असंतोष है जिसको लेकर गांव में सरपंच सचिव व गांव वालों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से निर्णय लेकर जन आंदोलन किया जाएगा

रिपोर्टर - ए आर कर्मा 

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