डिपॉजिट-4 का विरोध, पत्रकार सुरक्षा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग

दंतेवाड़ा - पार्टी के प्रदेश सह प्रभारी सौरभ झा ने कहा कि डिपॉजिट-4 परियोजना को लेकर स्थानीय आदिवासी समुदाय और जनप्रतिनिधियों की आपत्तियों के बावजूद सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित खनन क्षेत्र अनुसूचित क्षेत्र में आता है, जहां ग्रामसभा की सहमति अनिवार्य है। पार्टी का आरोप है कि परियोजना में पेसा अधिनियम, 1996 तथा वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना था कि बड़े पैमाने पर खनन से पर्यावरण, जल स्रोतों और स्थानीय जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

प्रेस वार्ता में सौरभ झा ने प्रदेश में लागू पत्रकार सुरक्षा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की भी मांग की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में कानून बनने के बावजूद इसका लाभ जमीनी स्तर पर पत्रकारों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने बस्तर में खोजी पत्रकारिता के समक्ष बढ़ते जोखिम और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रदेश संगठन मंत्री समीर खान ने कहा कि बस्तर में कई पत्रकारों के विरुद्ध बिना निष्पक्ष जांच के कार्रवाई किए जाने के मामले सामने आए हैं। उनका दावा था कि पत्रकार सुरक्षा कानून के तहत पहले जांच समिति की अनुशंसा आवश्यक है, जिसके बाद ही कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कानून के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की। वहीं,प्रदेश उपाध्यक्ष बल्लू भवानी ने दंतेवाड़ा में प्रस्तावित एरिगेशन (सिंचाई) परियोजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने परियोजना की समीक्षा कर किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।

प्रेस वार्ता में आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने सरकार से डिपॉजिट-4 परियोजना पर पुनर्विचार, ग्रामसभाओं के अधिकारों का सम्मान तथा पत्रकार सुरक्षा कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की।इस अवसर पर आप की जिला ईकाई की कार्यकारिणी मौजूद रही।

रिपोर्टर - ए आर कर्मा 

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