बचेली एन एम डी सी में 12 लाख के स्कोप चोरी मामले में पुलिस का शिकजा 3 पर गिरफ्तार की तलवार

दंतेवाड़ा - बचेली एनएमडीसी बचेली कॉम्प्लेक्स में नवंबर 2024 में सामने आए कथित स्क्रेप चोरी के मामले में पुलिस जांच एक बार फिर तेज होने की जानकारी सामने आई है। मामले में एक सीआईएसएफ जवान, एक एनएमडीसी कर्मचारी तथा एक लेबर सप्लाई कर्मचारी की भूमिका संदेह के दायरे में बताई जा रही है। पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में जल्द गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, गिरफ्तारी और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस स्तर से होना बाकी है।

जानकारी के अनुसार, 12 नवंबर 2024 को मेसर्स मनीष स्टील, भिलाई को नीलामी में मिले मैंगनीज स्टील स्क्रेप को उठाने के लिए ट्रक क्रमांक CG 04 PS 2251 एनएमडीसी बचेली पहुंचा था। ट्रक का सुबह कांटे पर वजन लगभग 34 टन दर्ज किया गया। बाद में दोबारा तौल किए जाने पर वजन करीब 64 टन पाया गया, जिसके बाद सीआईएसएफ को संदेह हुआ।
जांच के दौरान ट्रक में करीब 29 टन अतिरिक्त स्क्रेप पाए जाने की बात सामने आई। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 12 लाख रुपये बताई गई है। घटना के बाद एनएमडीसी के सहायक प्रबंधक (सामग्री) योगेश टाक द्वारा 20 नवंबर 2024 को थाना बचेली में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद एनएमडीसी की संयुक्त जांच समिति द्वारा भी मामले की जांच की गई। समिति की जांच में कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने की बात सामने आई थी। इसी आधार पर पुलिस द्वारा मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कई ट्रकों की आवाजाही भी जांच का विषय मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इससे पहले भी बड़ी संख्या में स्क्रेप से भरे ट्रकों की आवाजाही एनएमडीसी परिसर से हुई थी। करीब 800 ट्रकों के पूर्व में निकलने की बात कही जा रही है। ऐसे में पुलिस जांच का दायरा केवल एक घटना तक सीमित रहता है या पुराने ट्रकों की आवाजाही की भी जांच होती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

मामले में कुछ बड़े अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं और आरोप सामने आते रहे हैं, लेकिन इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
जांच के बाद सामने आ सकती है पूरी तस्वीर फिलहाल पुलिस की जांच में जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है, उनसे पूछताछ और उपलब्ध दस्तावेजों व रिकॉर्ड के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो पुलिस आगे कानूनी कार्रवाई कर सकती है। अब देखना होगा कि करीब दो वर्ष पुराने इस मामले में पुलिस जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इसमें केवल तीन संदिग्ध कर्मचारियों तक कार्रवाई सीमित रहती है या जांच के दौरान अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आती है।

 

रिपोर्टर - ए.आर. कर्मा

 

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