भगवान का नाम लेने वाले की रक्षा स्वयं हनुमान जी करते हैं – ब्रजरज अभिषेक वशिष्ठ
दतिया : विश्व प्रसिद्ध पंडोखर सरकार धाम में आयोजित 30वें वार्षिक महा महोत्सव एवं श्रीराम महायज्ञ* के अंतर्गत धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला निरंतर जारी है। महोत्सव के तीसरे दिन आयोजित हनुमंत कथा में उत्तराखंड से पधारे* कथा व्यास ब्रजरज अभिषेक वशिष्ठ ने श्रद्धालुओं को भक्ति और आस्था से सराबोर कर दिया।कथा के दौरान उन्होंने कहा* कि “जो भी श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान का नाम लेता है, उसकी रक्षा स्वयं हनुमान महाराज करते हैं।” उन्होंने काशी राज और भगवान श्रीराम से जुड़ा अत्यंत प्रेरक प्रसंग सुनाते हुए बताया* कि जब काशीराज ने गुरु विश्वामित्र को प्रणाम नहीं किया, तब भगवान श्रीराम ने क्रोधित होकर सूर्यास्त से पहले उनका वध करने की प्रतिज्ञा ले ली।जब काशीराज को इस* बात का पता चला तो वे भयभीत होकर माता अंजना की शरण में पहुंचे। माता अंजना से उन्हें वरदान प्राप्त हुआ कि उनके पुत्र हनुमान उनकी रक्षा करेंगे,हनुमान ने भगवान* श्रीराम से वर मांगा कि जो भी भक्त उनका नाम लेगा, उसकी रक्षा वे स्वयं करेंगे और प्रभु भी उसे कोई हानि नहीं पहुंचाएंगे। भगवान श्रीराम ने “तथास्तु” कहकर यह वर प्रदान किया। इसी कारण काशीराज* ने राम नाम का स्मरण किया और हनुमान ने उनके प्राणों की रक्षा की।कथा के दौरान वशिष्ठ ने हनुमान जी के जन्मोत्सव का भावपूर्ण वर्णन भी किया, जिसे श्रद्धालुओं ने बड़े ही* हर्ष और उल्लास के साथ मनाया। कथा पांडाल में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए।दीपशिखा ग्रुप दतिया ने सांस्कृतिक मंच पर बिखेरी प्रतिभा की छटा,महोत्सव के अंतर्गत शनिवार रात्रि को आयोजित* सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। दीपशिखा एंड ग्रुप दतिया द्वारा लाला हरदौल और कुंजावती के भात पर आधारित बुंदेली नाटक की शानदार प्रस्तुति* दी गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व विधायक घनश्याम सिंह,थाना प्रभारी पंडोखर रिपुदमन सिंह राजावत, रतनगढ़ माता धाम के महंत राजेश गिरी महाराज,* रोहित तिवारी, आचार्य अभिषेक शास्त्री, अमित सोनी, अमृत शर्मा एवं श्याम पुजारी द्वारा हनुमान के के पूजन के साथ किया गया। इसके बाद कलाकारों का अंगवस्त्र एवं पुष्पमालाओं से स्वागत सम्मान किया* गया।कार्यक्रम का संचालन कथक नृत्य संचालिका डॉ. सपना मिश्रा ने किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत कु. ध्यानवी सिंह राजावत (पुत्री थाना प्रभारी पंडोखर) द्वारा गणेश वंदना पर कथक* नृत्य से हुई, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके पश्चात दीपशिखा ग्रुप के जूनियर कलाकारों ने राम स्तुति पर सुंदर प्रस्तुति दी।युवा कलाकारों* एवं कलाकाराओं ने विभिन्न धार्मिक गीतों पर कथक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान की। बुंदेलखंड के प्रसिद्ध लाला हरदौल नाटक की प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं,इस अवसर* पर पंडोखर पीठाधीश्वर गुरु शरण महाराज, सिद्धेश्वर सिद्धपीठ झांसी के आचार्य पं. हरिओम पाठक , रतनगढ़ माता मंदिर के महंत राजेश दास , पं. विकास कृष्ण जी महाराज सहित अनेक संत-* महात्मा एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।रामलीला में धनुष यज्ञ और सीता स्वयंवर का हुआ मंचन, महोत्सव के अंतर्गत हाथीवान बरहा सरकार रामलीला मंडल द्वारा रामलीला मंच पर रावण-बाणासुर* संवाद, जनक विलाप, धनुष यज्ञ और श्रीराम-सीता विवाह का आकर्षक मंचन किया गया,कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राधेलाल सरपंच सिकरी, गब्बर बाबा एवं अन्य अतिथियों द्वारा मंच पूजन कर किया गया। इसके पश्चात* रामलीला मंडल के संचालक बबलू दीवाना सहित सभी कलाकारों का सम्मान किया गया।आज होगा बुंदेली गायन और कॉमेडी का आयोजन,महोत्सव के अंतर्गत सोमवार 13 अप्रैल को सांस्कृतिक मंच पर बुंदेली* गायन एवं कॉमेडी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें मुस्कान प्रजापति एंड ग्रुप, परशुराम अवस्थी एंड ग्रुप एवं हल्के दाऊ एंड ग्रुप अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम का संचालन सचिन चौधरी (बुंदेली बौछार) द्वारा किया जाएगा।पंडोखर धाम महोत्सव* में धार्मिक अनुष्ठानों, कथा, रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का यह संगम श्रद्धालुओं के लिए आस्था, संस्कृति और मनोरंजन का अद्भुत केंद्र बना हुआ है। लगातार उमड़ रही* श्रद्धालुओं की भीड़ इस महोत्सव की भव्यता और लोकप्रियता का प्रमाण है।
रिपोर्टर : नितिन दांतरे


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