पंडोखर धाम महोत्सव में संस्कृति, भक्ति और हास्य का संगम — बुंदेली गायन, रामलीला और कथाओं ने बांधा समा

दतिया :  पंडोखर पीठाधीश्वर पूज्य गुरुदेव अनंत विभूषित  गुरु शरण महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित 30वां पंडोखर सरकार धाम महोत्सव इन दिनों भक्ति, संस्कृति और मनोरंजन का अद्भुत केंद्र बना हुआ है,महोत्सव के अंतर्गत आयोजित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। यहां एक ओर जहां कथा और यज्ञ के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो रहा है, वहीं दूसरी ओर सांस्कृतिक मंच पर बुंदेली लोककला और हास्य प्रस्तुतियों ने लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।बुंदेली गायन और कॉमेडी से गूंजा सांस्कृतिक मंच,सोमवार 13 अप्रैल को आयोजित सांस्कृतिक संध्या में बुंदेलखंड के ख्यात कलाकारों  हल्ले दाऊ, परशुराम अवस्थी, सचिन चौधरी, अनिल कुमार शर्मा और मुस्कान प्रजापति ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खचाखच भरे पंडाल में तालियों और ठहाकों की गूंज देर रात तक सुनाई देती रही।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि समथर-गरौठा विधायक जवाहर सिंह राजपूत, सरपंच एवं भाजपा जिला उपाध्यक्ष रामकुमार शर्मा सहित अन्य अतिथियों द्वारा हनुमान महाराज के पूजन से हुआ,इसके बाद सभी कलाकारों का तिलक, फूलमाला एवं अंगवस्त्र देकर सम्मान किया गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुति की शुरुआत बुंदेली गायक परशुराम अवस्थी ने गणेश वंदना से की। उन्होंने  गौरा के लाडले गणेश आओ ”, “राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में” जैसे भक्ति गीतों से माहौल को भक्तिमय बना दिया।मुस्कान प्रजापति ने पारंपरिक बुंदेली गीतों जैसे “चना की भाजी सरसों का साग” प्रस्तुत कर ग्रामीण संस्कृति की मिठास घोल दी। वहीं अनिल कुमार शर्मा ने पंडोखर धाम और गुरु शरण महाराज की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया।सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हास्य कलाकार हल्ले दाऊ ने अपने चुटीले अंदाज, कविताओं और जीवन के अनुभवों के माध्यम से दर्शकों को खूब हंसाया। अर्पित मिश्रा (गुड्डू भैया) ने स्वच्छता अभियान पर बुंदेली भाषा में नाट्य प्रस्तुति देकर सामाजिक संदेश भी दिया।रामलीला में वनगमन प्रसंग ने किया भावुक,महोत्सव के तहत हाथीवान सरकार आदर्श रामलीला मंडल द्वारा रामलीला का मंचन भी किया जा रहा है। सोमवार को श्रीराम वन गमन, कैकेयी विलाप और मंथरा प्रसंग का सजीव चित्रण किया गया, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया।इस मंचन का शुभारंभ मुख्य अतिथि भगवती प्रसाद पटेरिया एवं गब्बर बाबा द्वारा किया गया। संगीत संगति में पंडित अखिलेश मिश्रा (हारमोनियम), धर्मेंद्र (पैड), रामसिंह मास्टर (ढोलक) और प्रमोद मास्टर (नक्काड़ा) का विशेष योगदान रहा।अब श्रीराम कथा का होगा रसास्वादन,महोत्सव के धार्मिक क्रम में 2 से 9 अप्रैल तक श्रीमद्भागवत कथा और 10 से 14 अप्रैल तक  हनुमत प्रसंग कथा का सफल आयोजन किया गया। अब 15 अप्रैल से 21 अप्रैल तक पंडित पवन शास्त्री जी महाराज (ददरौआ धाम, भिंड) के श्रीमुख से श्रीराम कथा का आयोजन किया जाएगा, जिसका श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।आज भजन संध्या और कॉमेडी का विशेष आयोजन,पूज्य गुरुदेव के जन्मोत्सव के उपलक्ष में आज भव्य भजन संध्या एवं कॉमेडी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रसिद्ध गायिका शहनाज अख्तर एंड ग्रुप तथा टीवी कलाकार योगेश त्रिपाठी (दरोगा हप्पू सिंह) अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिससे कार्यक्रम और भी आकर्षक होने की उम्मीद है।हनुमत कथा में शिव-हनुमान प्रसंग ने मोहा मन,मंगलवार को हनुमत कथा के दौरान कथा व्यास ब्रजराज अभिषेक  वशिष्ठ ने एक भावपूर्ण प्रसंग सुनाया, जिसमें भगवान शिव मदारी का रूप धारण कर हनुमान को लेकर अयोध्या पहुंचते हैं। वहां भगवान राम के दर्शन कर वे आनंदित होते हैं और अंततः हनुमान को श्रीराम को समर्पित कर देते हैं। इस प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।कथा के समापन पर सोनी परिवार द्वारा आरती और पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।कुल मिलाकर पंडोखर धाम महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना है, बल्कि यह बुंदेली संस्कृति, लोककला और सामाजिक संदेशों का भी जीवंत मंच बनकर उभर रहा है।

रिपोर्टर : नितिन दांतरे

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