एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के जॉइंट सेक्रेटरी की मौजूदगी में स्कूल एंट्रेंस फेस्टिवल मनाया गया

डेडियापाड़ा - गुजरात सरकार के एजुकेशन डिपार्टमेंट की तरफ से पूरे राज्य में स्कूल एंट्रेंस फेस्टिवल और गर्ल एजुकेशन फेस्टिवल के तहत, नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा तालुका के पांच साल के मोजदा गांवों में जोशीले प्रोग्राम हुए। इस मौके पर गुजरात सरकार के एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के जॉइंट सेक्रेटरी श्री हीरेन ठाकर खास तौर पर मौजूद थे। जॉइंट सेक्रेटरी के हाथों आंगनवाड़ी, बालवाटिका और अलग-अलग क्लास में प्राइमरी स्कूल पांच साल, गवर्नमेंट सेकेंडरी स्कूल पांच साल और गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल पुराना मोजदा में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को कुमकुम तिलक लगाया गया और उन्हें एजुकेशनल किट और टेक्स्टबुक बांटकर स्कूल में एडमिशन दिलाया गया। प्रोग्राम के दौरान आंगनवाड़ी और बालवाटिका के नन्हे-मुन्नों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसके साथ ही, स्टैंडर्ड-9 और स्टैंडर्ड-11 के नए एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को टेक्स्टबुक बांटी गईं और उन्हें पढ़ाई के लिए मोटिवेट किया गया।

स्कूल एंट्रेंस फेस्टिवल के साथ-साथ, एनवायरनमेंट अवेयरनेस का मैसेज देने के लिए स्कूल कैंपस में पेड़ लगाने का प्रोग्राम भी रखा गया। इस प्रोग्राम के ज़रिए स्टूडेंट्स में एनवायरनमेंट के प्रति ज़िम्मेदारी की भावना डेवलप करने की कोशिश की गई।इस मौके पर स्कूल मैनेजमेंट कमिटी (SMC), SMDC के मेंबर्स और पेरेंट्स के साथ एक खास मीटिंग हुई। जॉइंट सेक्रेटरी हीरेन ठाकरे ने एजुकेशन की इंपॉर्टेंस पर गाइडेंस देते हुए कहा कि अगर बच्चे की इंटरेस्ट और एबिलिटी को कम उम्र से ही पहचानकर सही दिशा में मोटिवेट किया जाए, तो भविष्य में करियर बनाना आसान हो सकता है। उन्होंने स्कूलों में एजुकेशन की क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए पेरेंट्स के सुझाव और पार्टिसिपेशन को भी इंपॉर्टेंट माना।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ऑर्गनाइज़ किए गए स्कूल एंट्रेंस फेस्टिवल का मेन मकसद हर बच्चे को एजुकेशन देना, स्कूलों में 100 परसेंट एनरोलमेंट पक्का करना, ड्रॉपआउट रेट कम करना और एजुकेशन के प्रति समाज में अवेयरनेस पैदा करना है। इसके साथ ही, स्कूल मैनेजमेंट में पेरेंट्स की एक्टिव भागीदारी के ज़रिए सरकारी स्कूलों को और ज़्यादा पावरफ़ुल बनाने की भी कोशिश की जा रही है। इस प्रोग्राम की वजह से पेरेंट्स और स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन के बीच बातचीत मज़बूत हुई, स्टूडेंट्स में पढ़ाई के लिए उत्साह बढ़ा, एनवायरनमेंट के बारे में जागरूकता का मैसेज फैला और बच्चों के भविष्य और करियर डेवलपमेंट के बारे में पेरेंट्स में ज़्यादा जागरूकता आई। प्राइमरी स्कूल में पांचवीं क्लास में 2 बच्चों को आंगनवाड़ी और 16 बच्चों को बालवाटिका में एडमिशन दिलाया गया, जबकि जूना मोज़दा में 6 बच्चों को आंगनवाड़ी और 17 बच्चों को बालवाटिका में एडमिशन दिलाया गया।

इस प्रोग्राम में श्रीमती रश्मिकाबेन वसावा, मॉडल डे स्कूल इंचार्ज आचार्यश्री सुरेंद्रभाई एस. वसावा, लोकल स्कूलों के प्रिंसिपल, टीचर, SMC और SMDC के मेंबर, बड़ी संख्या में पेरेंट्स और स्टूडेंट्स मौजूद थे।

रिपोर्टर - साबिर मेमन

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