टीईटी अनिवार्यता खत्म करने की मांग पर महिला शिक्षक संघ का शिष्टमंडल रक्षा मंत्री से मिला

नई दिल्ली : टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता को समाप्त करवाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय एवं उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ का शिष्टमंडल बुधवार को रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह से नई दिल्ली में मिला शिष्टमंडल का नेतृत्व संघ की राष्ट्रीय एवं प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना मौर्य ने किया मुलाकात के दौरान महिला शिक्षकों ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और NCTE की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना के प्रावधानों का हवाला देते हुए बताया कि 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षक वैधानिक रूप से पूर्णतः मान्य हैं और उन्होंने नियुक्ति के समय सभी अर्हताएँ पूरी की थीं। बावजूद इसके बाद में नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपकर गहरा अन्याय किया जा रहा है।

शिष्टमंडल ने रक्षा मंत्री को अवगत कराया कि देशभर में 18 लाख से अधिक योग्य शिक्षक तथा उत्तर प्रदेश में लगभग 2 लाख शिक्षक, 2017 के संशोधन अध्यादेश के कारण अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित हो गए हैं। इस स्थिति ने हजारों परिवारों को आर्थिक संकट, मानसिक अवसाद और सामाजिक तनाव में धकेल दिया है। कई शिक्षक जीवन से हाथ धो बैठे, जिससे मुद्दे की गंभीरता और बढ़ गई है,महिला शिक्षक संघ ने केंद्र सरकार से मांग की कि संसद में विशेष संशोधन विधेयक/अध्यादेश लाकर टीईटी की इस पश्चगामी अनिवार्यता को तत्काल समाप्त किया जाए, ताकि लाखों शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित हो सके रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूरे धैर्य और संवेदनशीलता के साथ शिक्षक प्रतिनिधियों की बात सुनी तथा इस मुद्दे पर सकारात्मक और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।


रिपोर्टर  : लखन यादव 

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