एनआईवीएच में पेंशन बंदी के खिलाफ कांग्रेस का समर्थन, धरने पर पहुंचे सूर्यकांत धस्माना

देहरादून :  राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD/NIVH) देहरादून में पेंशन बंद किए जाने के फैसले के विरोध में चल रहे धरने को कांग्रेस का समर्थन मिला है। एआईसीसी सदस्य एवं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने राजपुर स्थित संस्थान के गेट पर धरना दे रहे पेंशनधारी और वर्तमान कर्मचारियों के बीच पहुंचकर उनके आंदोलन को जायज बताया।
सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि NIEPVD देहरादून सहित देश के आठ अन्य संस्थानों में वर्षों से पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों की पेंशन 1 जनवरी 2026 से बंद करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और कर्मचारी विरोधी निर्णय है। उन्होंने बताया कि इस गंभीर मुद्दे को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के समक्ष उठाया जाएगा तथा इस संबंध में उन्हें पत्र लिखकर पूरी जानकारी दी जाएगी।
धस्माना ने कहा कि दशकों तक सेवा देने के बाद वरिष्ठ नागरिकों से पेंशन छीनना न केवल आर्थिक संकट पैदा करता है, बल्कि यह उनका मानसिक उत्पीड़न भी है। उन्होंने इसे केंद्र सरकार के अधीन चल रहे स्वायत्तशासी संस्थान का अमानवीय फैसला करार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार लगातार कर्मचारी, किसान, नौजवान, बेरोजगार और विद्यार्थियों के हितों के खिलाफ फैसले ले रही है। धार्मिक मुद्दों की आड़ में जनता का ध्यान भटकाया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर आम आदमी और मध्यम वर्ग पर बोझ बढ़ाया जा रहा है।
सूर्यकांत धस्माना ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान के कर्मचारियों के इस संघर्ष में कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है और आगे भी उनका साथ देती रहेगी।
धरने को कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश कुकरेती, उपाध्यक्ष हरीश पंवार, हिमांशु थापा, एस.सी. बिनजोला और जगदीश लखेडा ने भी संबोधित किया। धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग पेंशनधारी एवं वर्तमान कर्मचारी मौजूद रहे।

रिपोर्टर : प्रवचन सिंह 

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