रुद्रपुर-पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों की मान्यता पर सस्पेंस, युवाओं का भविष्य दांव पर: डॉ. प्रतिमा सिंह
देहरादून : उत्तराखंड में NEET मेडिकल काउंसलिंग शुरू होने के बीच रुद्रपुर और पिथौरागढ़ राजकीय मेडिकल कॉलेजों की NMC मान्यता को लेकर असमंजस बना हुआ है। इस मुद्दे पर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने धामी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही और अधूरी तैयारियों का खामियाजा प्रदेश के हजारों छात्रों को भुगतना पड़ सकता है।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री लंबे समय से इन दोनों मेडिकल कॉलेजों को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, लेकिन अब तक मान्यता की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। काउंसलिंग शुरू होने के बाद छात्र इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि वे इन कॉलेजों को अपनी चॉइस लिस्ट में शामिल करें या नहीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी, जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि छात्रों ने कॉलेज का विकल्प चुना और बाद में मान्यता नहीं मिली, तो उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा।
कांग्रेस प्रवक्ता ने मांग की कि सरकार तत्काल रुद्रपुर और पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों की NMC मान्यता की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करे और छात्रों के हित में सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की भी मांग की।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने 24 घंटे के भीतर छात्रों की इस समस्या का समाधान नहीं किया और स्थिति स्पष्ट नहीं की, तो कांग्रेस छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए सड़कों से लेकर विधानसभा तक आंदोलन करेगी।
रिपोर्टर : प्रवचन सिंह
No Previous Comments found.