थानों मस्जिद के म्यूटेशन निरस्तीकरण पर मुस्लिम सेवा संगठन ने उठाए सवाल, DM से निष्पक्ष जांच की मांग
देहरादून : थानों स्थित जामा मस्जिद से संबंधित भूमि के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) को निरस्त किए जाने के मामले में मुस्लिम सेवा संगठन ने सवाल उठाए हैं। संगठन ने जिलाधिकारी देहरादून से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और तहसीलदार डोईवाला के आदेश की समीक्षा किए जाने की मांग की है। संगठन के अनुसार, उपलब्ध आदेश के मुताबिक तहसीलदार डोईवाला ने 10 मार्च 2026 को मस्जिद से संबंधित दाखिल-खारिज को निरस्त किया था। संगठन का आरोप है कि मस्जिद पक्ष को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर दिए बिना निर्णय लिया गया। मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा कि किसी भी राजस्व मामले में सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएं और यदि प्रक्रिया में कोई कमी पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। वहीं, संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने कहा कि संगठन किसी अधिकारी पर व्यक्तिगत आरोप नहीं लगा रहा है। उनकी मांग केवल इतनी है कि थानों मस्जिद से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड और म्यूटेशन की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने कहा कि यदि मस्जिद पक्ष को पर्याप्त सुनवाई का अवसर नहीं मिला है तो उसे अपना पक्ष और दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाना चाहिए। मुस्लिम सेवा संगठन ने कहा कि वह मामले में कानूनी एवं संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखेगा और प्रशासन से नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा करता है। ज्ञापन देने वालों में मुफ्ती बुरहानुद्दीन, नाजिम खान, नाजिम जैदी, कलीम शेख, साकिब कुरैशी, खुर्शीद अहमद, मुहम्मद इरशाद, कैफ खान, साद मिर्जा, अब्दुल रहमान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
रिपोर्टर : प्रवचन सिंह

No Previous Comments found.