AIJGF ने पीयूष गोयल को सौंपा ज्ञापन, ‘बुलियन बैंक’ बनाकर घटाने को कहा Gold Import Bill
नई दिल्ली : ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन — AIJGF ने देश के ज्वेलरी-बुलियन सेक्टर से जुड़े 3.5 करोड़ लोगों की आजीविका बचाने के लिए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को ज्ञापन सौंपा है। फेडरेशन ने Gold Import Bill घटाने के लिए ज्वेलरी की मांग दबाने के बजाय ‘रेग्युलेटेड बुलियन बैंक फ्रेमवर्क’ बनाने का सुझाव दिया।
‘सोना सिर्फ लग्जरी नहीं, संस्कृति और बचत का हिस्सा’
18 मई को राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में AIJGF ने कहा कि सोना खरीद को हतोत्साहित करने वाली किसी भी अपील का सीधा असर छोटे ज्वेलर्स, सुनारों, कारीगरों, मैन्युफैक्चरर्स, रिफाइनर्स, हॉलमार्किंग सेंटर और ट्रांसपोर्टरों पर पड़ेगा। पंकज अरोड़ा ने कहा कि भारत में सोना संस्कृति, परंपरा, महिला सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा है। इसे सिर्फ आयात बोझ के रूप में देखना उचित नहीं। जरूरत है idle gold को राष्ट्रीय उत्पादक संपत्ति में बदलने की।
बुलियन बैंक से होगी घरेलू आपूर्ति, घटेगा आयात
AIJGF ने मांग की कि household gold, temple gold, Gold ETF और institutional gold को जुटाकर ज्वेलर्स, मैन्युफैक्चरर्स और एक्सपोर्टर्स तक पहुंचाने वाला मजबूत बुलियन बैंक फ्रेमवर्क बनाया जाए। महासचिव नितिन केडिया ने कहा कि विदेशी मुद्रा बचाने और आजीविका बचाने में से किसी एक को चुनने की जरूरत नहीं। सही नीति से दोनों लक्ष्य हासिल होंगे।
फेडरेशन ने सुझाव दिया कि सख्त रेग्युलेटरी सेफगार्ड के साथ Gold ETF अपने फिजिकल गोल्ड होल्डिंग का सीमित हिस्सा बुलियन बैंक को लेंड कर सकें। इससे घरेलू गोल्ड लेंडिंग पूल बनेगा, ज्वेलर्स को स्थानीय सप्लाई मिलेगी, आयात घटेगा और ETF निवेशकों को अतिरिक्त यील्ड भी मिलेगी।
कंसल्टेशन कमेटी बनाने का प्रस्ताव
AIJGF ने सरकार से इस विषय पर सांसद प्रवीण खंडेलवाल के नेतृत्व में कंसल्टेशन कमेटी गठित करने का भी आग्रह किया, जिसमें सरकार, उद्योग, बुलियन मार्केट, वित्तीय संस्थान और रेग्युलेटरी बॉडी के प्रतिनिधि शामिल हों।
ज्ञापन में रखीं ये प्रमुख मांगें:
1. रेग्युलेटेड बुलियन बैंक फ्रेमवर्क बनाया जाए।
2. देश में पड़े idle gold को उत्पादक सर्कुलेशन में लाया जाए।
3. ज्वेलर्स के साथ मिलकर आयात घटाने की नीति बने।
4. Gold ETF को सीमित गोल्ड लेंडिंग की अनुमति मिले।
5. छोटे ज्वेलर्स, कारीगरों और आर्टिजन्स की आजीविका सुरक्षित रहे।
6. ज्वेलरी सेक्टर के खिलाफ नकारात्मक बाजार धारणा से बचा जाए।
7. सरकार और ट्रेड बॉडीज के बीच नियमित कंसल्टेशन मैकेनिज्म बने।
ज्ञापन सौंपने के दौरान AIJGF के यूपी प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार वर्मा भी मौजूद रहे।
रिपोर्टर : उमेश विश्वकर्मा


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