दिल्ली विधानसभा के VIP गेट को चीरकर अंदर घुसा अज्ञात हमलावर!

आज की सबसे बड़ी, सबसे चौंकाने वाली खबर देश की राजधानी दिल्ली से आ रही है! क्या लोकतंत्र के मंदिर अब सुरक्षित नहीं हैं? क्या दिल्ली पुलिस की नाक के नीचे कोई भी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है? आज दोपहर जो हुआ, उसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। दिल्ली विधानसभा... जहाँ परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वहाँ एक सफेद रंग की टाटा सिएरा (Tata Sierra) मौत बनकर नहीं, बल्कि एक 'चुनौती' बनकर गेट को चीरते हुए अंदर दाखिल हो गई! विधानसभा के गलियारों में सन्नाटा था, लेकिन उस कार के टायरों की चीख ने पूरी दिल्ली को हिला कर रख दिया है। आखिर कौन था वो शख्स? क्या वो कोई सिरफिरा था या किसी बड़ी साजिश का ट्रायल? चलिए जानते हैं इस रिपोर्ट में कि आखिर उस दोपहर 2 बजकर 5 मिनट पर हुआ क्या था!"

दोपहर का वक्त था, सूरज सिर पर था और दिल्ली विधानसभा के पास मॉल रोड पर अमूमन रहने वाली हलचल जारी थी। तभी अचानक एक सफेद रंग की Tata Sierra (यूपी नंबर) कार तूफानी रफ्तार से गेट नंबर 2 की तरफ बढ़ी। यह वो गेट है जो अक्सर बंद रहता है और सिर्फ VIP मूवमेंट के लिए इस्तेमाल होता है। लेकिन उस कार सवार के इरादे कुछ और ही थे। उसने सुरक्षा घेरे को ठेंगा दिखाते हुए जोरदार टक्कर मारी और गेट के परखच्चे उड़ाते हुए सीधे विधानसभा परिसर के अंदर दाखिल हो गया। अंदर घुसने के बाद कार सवार ने जो किया, उसने सबको हैरत में डाल दिया। वह शख्स गाड़ी घुमाते हुए सीधे विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) के कमरे के बाहर पहुँचा। वहाँ उसने कोई बम या हथियार नहीं निकाला, बल्कि एक गुलदस्ता रखा! जी हां, आपने सही सुना-सुरक्षा में इतनी बड़ी सेंध लगाने के बाद वह शख्स वहाँ गुलदस्ता छोड़कर उसी रफ़्तार से गाड़ी मोड़कर परिसर से बाहर निकल गया। सुरक्षाकर्मी जब तक संभलते और उसे रोकने की कोशिश करते, वह आँखों से ओझल हो चुका था।

मेट्रो स्टेशन के पास खड़े लोग इस मंजर को देखकर सन्न रह गए। पीली टी-शर्ट पहने एक युवक, जिसका नाम रवित बताया जा रहा है, उसने इस पूरी खौफनाक घटना को अपनी आंखों से देखा। रवित के मुताबिक: "कार इतनी तेज़ी में थी कि हमें लगा कोई बड़ा हादसा होने वाला है। ड्राइवर ने सीधे गेट में गाड़ी दे मारी। अंदर कुछ देर तक गाड़ी इधर-उधर घूमी, चीख-पुकार मची और फिर वो बिजली की रफ़्तार से बाहर निकल गई। हमें तो समझ ही नहीं आया कि ये हो क्या रहा है! परिसर में मौजूद अन्य लोगों में भी भगदड़ मच गई। किसी को लगा कि ये आतंकी हमला है, तो कोई अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगा। कुछ ही पलों में दिल्ली विधानसभा 'जंग का मैदान' लगने लगी।

इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों का हुजूम विधानसभा पहुँच गया है। फॉरेंसिक टीम और क्राइम ब्रांच की टीमें मौके पर मौजूद हैं। पुलिस अब CCTV फुटेज के जरिए उस सफेद टाटा सिएरा का सुराग लगाने की कोशिश कर रही है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि:

इतनी हाई-सिक्योरिटी वाली जगह पर एक पुरानी गाड़ी गेट कैसे तोड़ गई?
वहाँ तैनात सुरक्षाकर्मी उस वक्त कहाँ थे?
गुलदस्ता रखने के पीछे उस शख्स का क्या संदेश था?

ये कोई फिल्मी सीन नहीं बल्कि देश की राजधानी की हकीकत है। एक अज्ञात शख्स आता है, सुरक्षा की धज्जियां उड़ाता है, फूल भेंट करता है और गायब हो जाता है। क्या ये किसी बड़े खतरे की घंटी है? या फिर हमारी सुरक्षा व्यवस्था के खोखलेपन का सबूत? दिल्ली पुलिस अब सीसीटीवी के पन्ने पलट रही है और उस गाड़ी के नंबर से उसके मालिक तक पहुँचने की जद्दोजहद में जुटी है। लेकिन सवाल अभी भी वही है अगर उस कार में बारूद होता, तो आज दिल्ली का क्या होता? 

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