दिल्ली के सत्य निकेतन में भरभराकर गिरी इमारत, मलबे में छात्रों के फंसे होने की आशंका
दिल्ली में हो रही मूसलाधार बारिश के बीच दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इमारत में PG चलने की जानकारी सामने आई है, जिसके चलते मलबे में कई छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब 1:34 बजे साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन को नानकपुरा गुरुद्वारे के पास इमारत गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, CAT एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं। NDRF की टीम को भी राहत और बचाव अभियान में लगाया गया है।
फायर विभाग के मुताबिक, हादसे की सूचना करीब 1:33 बजे मिली थी। मौके पर फायर विभाग की 12 गाड़ियां मौजूद हैं और लगातार मलबा हटाने का काम चल रहा है। अब तक कई लोगों को मलबे से निकाला जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे से निकाले गए तीन लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें AIIMS ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक व्यक्ति को जीवित भी बाहर निकाला गया, जिसे एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया। अधिकारियों के मुताबिक, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मलबे के अंदर कुल कितने लोग फंसे हुए हैं। कुछ लोगों के अंदर से फोन कॉल किए जाने की भी जानकारी सामने आई है, जिसके बाद बचाव अभियान और तेज कर दिया गया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं। उन्होंने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि एहतियात के तौर पर पास की एक इमारत को खाली कराया गया है। उन्होंने कहा कि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद पहुंचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, प्रवेश वर्मा और आशीष सूद ने भी घटनास्थल की स्थिति पर जानकारी साझा करते हुए राहत और बचाव अभियान जारी रहने की बात कही है। आरके पुरम के विधायक अनिल शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इस इमारत में अलग-अलग जगहों से छात्र PG में रहने और पढ़ने आते थे। उनके मुताबिक, कितने छात्र अंदर फंसे हैं, इसकी संख्या फिलहाल स्पष्ट नहीं है, लेकिन कुछ छात्रों के अंदर फंसे होने की जानकारी मिली है।
उन्होंने बताया कि NDRF और MCD की टीमों ने कुछ छात्रों को बाहर निकाला है। साथ ही, कुछ छात्रों की ओर से अंदर से कॉल आने की जानकारी भी मिली है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार और बचाव एजेंसियों का पूरा ध्यान लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है।
हादसे को लेकर NSUI ने भी सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना बेहद चिंताजनक है और मलबे में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के दबे होने की जानकारी सामने आ रही है।
NSUI ने मांग की कि छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जाए। संगठन ने घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की है। वहीं, कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने भी सरकार से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को तत्काल मदद देने की मांग की है।
दिल्ली की नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने हादसे पर दुख जताते हुए राहत और बचाव कार्य पूरी तत्परता से चलाने की अपील की है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने भी हादसे पर दुख जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी घटना पर दुख जताते हुए दिल्ली सरकार पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
फिलहाल NDRF, फायर सर्विस, पुलिस, MCD और अन्य एजेंसियों की टीमें लगातार मलबा हटाकर फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटी हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही हादसे में फंसे लोगों की सही संख्या और घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
No Previous Comments found.