डेंगू में बकरी का दूध पीने से बढ़ती हैं प्लेटलेट्स? जानिए क्या कहता है मेडिकल साइंस

बारिश का मौसम आते ही डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। मच्छरों से फैलने वाली इस बीमारी में तेज बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द और कमजोरी जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं। डेंगू के दौरान प्लेटलेट्स कम होना भी मरीजों और परिवार के लिए चिंता का विषय बन जाता है। इसी वजह से प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए कई घरेलू और पारंपरिक उपायों की चर्चा होने लगती है।

Health Tips:क्या बकरी का दूध पीने से शरीर में प्लेटलेट्स बढ़ती है, जानें  क्या कहते हैं शोध? - Health Tips Does Goat Milk Help To Increase Platelets  Bakri Ka Dudh Peene Se

इनमें बकरी का दूध भी एक चर्चित घरेलू नुस्खा है। सोशल मीडिया और लोगों के बीच यह धारणा काफी समय से मौजूद है कि डेंगू के मरीज को बकरी का दूध देने से प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ सकते हैं। लेकिन क्या इसके पीछे कोई ठोस वैज्ञानिक आधार है? आइए समझते हैं।

बकरी के दूध को लेकर क्यों है इतनी चर्चा?

बकरी के दूध को पोषक तत्वों वाला खाद्य पदार्थ माना जाता है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, फॉस्फोरस और कुछ अन्य जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। कुछ लोगों को यह गाय के दूध की तुलना में पचने में भी आसान लगता है।

डेंगू में बकरी का दूध फायदेमंद तो होता है, लेकिन क्या सच में प्लेटलेट्स  बढ़ाता है? चलिए जानते हैं

इसी वजह से बीमारी के दौरान कमजोरी महसूस कर रहे व्यक्ति के लिए इसे पौष्टिक आहार के तौर पर देखा जाता है। हालांकि, किसी खाद्य पदार्थ का पौष्टिक होना और किसी बीमारी का इलाज करना दो अलग-अलग बातें हैं।

क्या बकरी का दूध प्लेटलेट्स बढ़ाता है?

डेंगू में बकरी का दूध पीने से प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ने का दावा काफी प्रचलित है, लेकिन इसे साबित करने वाले मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

डेंगू में बकरी का दूध फायदेमंद तो होता है, लेकिन क्या सच में प्लेटलेट्स  बढ़ाता है? चलिए जानते हैं

डेंगू में प्लेटलेट्स का स्तर बीमारी के दौरान स्वाभाविक रूप से ऊपर-नीचे हो सकता है। इसलिए केवल दूध पीने के बाद प्लेटलेट्स बढ़ने को उसी का असर मान लेना सही नहीं होगा।

यानी बकरी का दूध डेंगू का इलाज या प्लेटलेट्स बढ़ाने की प्रमाणित दवा नहीं है।

फिर डेंगू में क्या जरूरी है?

डेंगू होने पर सबसे जरूरी है कि मरीज की स्थिति पर नजर रखी जाए और डॉक्टर की सलाह का पालन किया जाए। पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना, आराम करना और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का सही तरीके से इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण है।

डेंगू के इलाज में बकरी का दूध है कारगर? डॉक्टरों ने बताई चौंकाने वाली सच्चाई  | people believe that goat milk helps increase the platelets of a dengue  patient know truth -

अगर मरीज को लगातार उल्टी, पेट में तेज दर्द, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी, खून आना या बेचैनी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।

कच्चा बकरी का दूध पीने से बचें

अगर कोई व्यक्ति बकरी का दूध लेना चाहता है, तो उसे कच्चा या बिना पाश्चराइज किया हुआ दूध नहीं पीना चाहिए। बिना उचित ताप उपचार के दूध में हानिकारक बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं, जो संक्रमण का कारण बन सकते हैं।

क्या वाकई बकरी के दूध से बढ़ती हैं प्लेटलेट्स? आइए डॉक्टर से जानें सच

डेंगू के दौरान शरीर पहले ही संक्रमण और कमजोरी से जूझ रहा होता है। ऐसे में किसी अन्य संक्रमण का जोखिम बढ़ाना ठीक नहीं है।

आयुर्वेद में बकरी के दूध का क्या स्थान है?

आयुर्वेदिक साहित्य में बकरी के दूध का उल्लेख मिलता है और इसे कुछ विशेष परिस्थितियों में उपयोगी माना गया है। लेकिन पारंपरिक चिकित्सा में किसी पदार्थ का उल्लेख होने का अर्थ यह नहीं है कि वह आधुनिक चिकित्सा के अनुसार हर बीमारी का इलाज साबित हो चुका है।

जानें क्या डेंगू में बकरी का दूध पीना असल में फायदेमंद है - jaane kya dengue  me bakri ka doodh asal me faydemand hai | HealthShots Hindi

इसलिए डेंगू के मामले में आयुर्वेदिक या घरेलू नुस्खे को डॉक्टर की सलाह और जरूरी चिकित्सकीय निगरानी का विकल्प नहीं समझना चाहिए।

प्लेटलेट्स कम होने पर घबराएं नहीं, लेकिन लापरवाही भी न करें

डेंगू में प्लेटलेट्स की संख्या कम होना आम बात हो सकती है, लेकिन सिर्फ प्लेटलेट्स के एक आंकड़े के आधार पर मरीज की हालत का अंदाजा नहीं लगाया जाता। डॉक्टर मरीज के लक्षण, ब्लड टेस्ट और पूरी क्लिनिकल स्थिति को देखकर उपचार तय करते हैं।

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इसलिए प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए किसी एक घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना ज्यादा जरूरी है।

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