डिप्टी CM के आश्वासन के बाद भी नहीं मानीं आशा कार्यकर्ता! लखनऊ में सड़क जाम, वेतन फिक्स करने की मांग तेज

राजधानी लखनऊ से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों का आंदोलन लगातार चर्चा में बना हुआ है। ईको गार्डन के बाहर बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करती नजर आईं। दूर-दूर तक नजर आ रही महिलाओं की भीड़ के बीच वेतन फिक्स करने और अपनी आर्थिक समस्याओं का समाधान करने की मांग जोर-शोर से उठाई जा रही है।

बताया जा रहा है कि डिप्टी सीएम की ओर से आशा कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया गया, लेकिन अपनी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होने से प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बनी हुई है। इसी नाराजगी के बीच आशा कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन स्थल पर एक तरफ पुलिस व्यवस्था संभालती दिखाई दी, तो दूसरी तरफ आशा कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करती नजर आईं।

आशा कार्यकर्ताओं का सवाल है कि आखिर इतने कम मानदेय में परिवार का खर्च कैसे चलाया जाए? प्रदर्शन के दौरान 75 रुपये प्रतिदिन और 2,000 रुपये भुगतान का मुद्दा उठाया जा रहा है। कार्यकर्ताओं की मांग है कि उनका वेतन निश्चित किया जाए, भुगतान में सुधार हो और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान निकाला जाए।

लखनऊ के ईको गार्डन के बाहर प्रदर्शन का माहौल यह सवाल खड़ा कर रहा है कि जब आशा कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया जा चुका है, तो उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई कब होगी? क्या सरकार उनकी मांगों पर कोई स्पष्ट फैसला लेगी, या फिर आशा कार्यकर्ताओं को अपनी आवाज बुलंद करने के लिए आगे भी आंदोलन जारी रखना पड़ेगा?

फिलहाल, सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। आशा कार्यकर्ताओं की मांगों और इस आंदोलन से जुड़ी आगे की हर अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहिए।

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