बाल विवाह के खिलाफ टोंकखुर्द का 'शंखनाद': हलवाई से लेकर धर्मगुरुओं तक सबने लिया 'नो चाइल्ड मैरिज' का संकल्प
देवास : टोंकखुर्द समाज की जड़ों को खोखला करने वाली बाल विवाह की कुप्रथा पर अब देवास का टोंकखुर्द प्रहार करने को तैयार है। भारत सरकार के 'बाल विवाह मुक्त भारत' (BVMB) अभियान के दूसरे चरण के तहत जनपद सभाकक्ष में एक अनूठा और सघन कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहाँ केवल भाषण नहीं हुए, बल्कि समाज के उन हर हाथ ने शपथ ली जो शादियों के आयोजन में मुख्य भूमिका निभाते हैं।
कानून का डंडा और जागरूकता की पहल
कार्यक्रम में सीडीपीओ नीतू हनवाल ने दो टूक शब्दों में 'बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम' (PCMA) की गंभीरता समझाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह करना और करवाना, दोनों ही संगीन अपराध हैं। वहीं परामर्शदाता डॉ. एकता जायसवाल ने 'सैचुरेशन अप्रोच' पर जोर देते हुए कहा कि लक्ष्य केवल जागरूकता नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचकर इस प्रथा को जड़ से उखाड़ना है।
इनकी भूमिका सबसे अहम: 'सेवा प्रदाताओं' ने भरी हुंकार
इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें शादी-ब्याह से जुड़े हर वर्ग को सीधे तौर पर जोड़ा गया। कार्यक्रम में उपस्थित:
धर्मगुरु: जिन्होंने इसे जन-आंदोलन बनाने की अपील की।
केटरर्स और हलवाई: जिन्होंने कच्चे भोजन और कच्ची उम्र की शादियों को 'ना' कहा।
बैंड-बाजा और डेकोरेटर्स: जिन्होंने संकल्प लिया कि वे बिना उम्र प्रमाण पत्र देखे किसी भी आयोजन का हिस्सा नहीं बनेंगे।
प्रिंटिंग प्रेस संचालक: जो अब पत्रिका छापने से पहले उम्र की पड़ताल करेंगे।
हस्ताक्षर अभियान और संकल्प पत्र: कार्यक्रम के दौरान एक विशाल बैनर पर हस्ताक्षर कर सभी हितधारकों ने अपनी प्रतिबद्धता जताई। साथ ही, सभी सेवा प्रदाताओं से औपचारिक 'संकल्प पत्र' भरवाए गए, ताकि नैतिक और कानूनी रूप से इस मुहिम को मजबूती मिले।
सामूहिक शपथ से गूँजा सभाकक्ष
डॉ. एकता जायसवाल ने जब बाल विवाह रोकने और इसके खिलाफ आवाज उठाने की शपथ दिलाई, तो पूरा सदन एक सुर में बोल उठा। कार्यक्रम में उपस्थित टोंक खुर्द शहर काजी इरफान पटेल, इस्लाम पटेल एवं संरक्षण अधिकारी दीक्षा कुशवाह, वन स्टॉप सेंटर से रामकन्या मालवीय और पर्यवेक्षक अनीता राठौर सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
ने आभार व्यक्त किया। टोंकखुर्द का यह मॉडल अब पूरे जिले के लिए एक उदाहरण बन रहा है, जहाँ प्रशासन और जनता सीधे मिलकर एक सुरक्षित बचपन की इबारत लिख रहे हैं।
रिपोर्टर : साजिद पठान


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