कलेक्टर ने ली समय-सीमा बैठक,लापरवाही पर बरती सख्ती; उप संचालक कृषि को शोकाज नोटिस

देवास : कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा (TL) बैठक में कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बैठक में विकासखंड स्तरीय अधिकारी वर्चुअली जुड़े, जबकि जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे।

​कृषि विभाग पर गिरी गाज: दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश
​बैठक के दौरान जब कृषि विभाग की समीक्षा की गई, तो उप संचालक कृषि  गोपेश पाठक विभागीय योजनाओं की प्रगति और जिले में स्प्रिंकलर सिस्टम से सिंचाई संबंधी सटीक जानकारी प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने उनकी दो वेतन वृद्धि रोकने संबंधी शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
​इसके साथ ही, जिले में खाद वितरण की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में 12 हजार मीट्रिक टन अधिक खाद का वितरण हुआ है। कलेक्टर ने इस पर आश्चर्य जताते हुए अपर कलेक्टर को निर्देश दिए कि वे जांच करें कि आखिर इतनी अधिक मात्रा में यूरिया की खपत क्यों हुई।
​सड़कों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर सख्ती
​प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए:
​अतिरिक्त जिला पंचायत सीईओ ( एसएस सिंह): इन्हें जिले में निर्मित PMGSY मार्गों का स्वयं जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
​क्वालिटी कंट्रोल: कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।
​जीएम पीएमजीएसवाय: पैच वर्क (सड़कों की मरम्मत) कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जनरल मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा गया।
​अतिक्रमण/सुरक्षा: किसी भी स्थिति में हाई टेंशन लाइन के नीचे भवन निर्माण की अनुमति न देने के सख्त निर्देश दिए गए।
​'संकल्प से समाधान' अभियान: घर-घर पहुंचेगा प्रशासन
​कलेक्टर ने जिले में जारी 'संकल्प से समाधान' अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि:
​अभियान के प्रथम चरण में 15 फरवरी तक डोर-टू-डोर सर्वे कर या शिविरों के माध्यम से 106 योजनाओं के आवेदन और शिकायतें प्राप्त की जाएं।
​कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे।
​नागरिक स्वयं भी सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर सिटीजन लॉगिन के जरिए आवेदन कर सकते हैं।
​पेयजल स्वच्छता पर जोर
​स्वास्थ्य और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए पीएचई विभाग को निर्देशित किया गया कि वे जल स्रोतों, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और सीधे घरों से पानी के सैंपल लेकर नियमित जांच करें ताकि जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।
​बैठक में उपस्थिति: नगर निगम कमिश्नर  दलीप कुमार, अपर कलेक्टर  शोभाराम सोलंकी,  संजीव कुमार जैन, डिप्टी कलेक्टर सुश्री ऋतु चौरसिया सहित अन्य जिला अधिकारी

रिपोर्टर : साजिद पठान

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