ऑनलाइन कोर्ट फीस रसीद में कूटरचना कर धोखाधड़ी करने वाली महिला गिरफ्तार

​देवास : जिला न्यायालय में फर्जीवाड़ा कर शासन को राजस्व का चूना लगाने वाले गिरोह के विरुद्ध थाना सिविल लाइन पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने ऑनलाइन कोर्ट फीस की रसीदों में हेराफेरी कर लाखों की धोखाधड़ी करने वाली महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है।

​क्या है पूरा मामला ?
​धोखाधड़ी का यह खेल तब उजागर हुआ जब न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई रसीदों और वास्तविक जमा राशि में भारी अंतर पाया गया:
​मामला 1: सितंबर 2022 में एक वाद पत्र के साथ ₹1,12,240 की कोर्ट फीस की रसीद पेश की गई थी। जांच में पता चला कि उक्त आईडी पर वास्तव में मात्र ₹200 ही जमा थे।
​मामला 2: मार्च 2022 में पेश की गई एक अन्य रसीद में ₹1,50,000 की राशि अंकित थी, जबकि सत्यापन के दौरान वहां केवल ₹1,500 जमा होना पाया गया।
​माननीय जिला न्यायालय के आदेश पर थाना सिविल लाइन में आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 588/2025 एवं 16/2026 के तहत धारा 420, 467, 468, 471 (भादवि) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
​पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
​पुलिस अधीक्षक  पुनीत गेहलोद के निर्देश एवं एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदौरिया व नगर पुलिस अधीक्षक  सुमित अग्रवाल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी हितेश पाटिल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
​टीम ने रसीदें जारी करने वाली फर्म "निर्विघ्नम ऑनलाइन सर्विसेस" की संचालक दीप्ति महाजन (43 वर्ष), निवासी कालानी बाग, देवास को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान महिला ने कोर्ट फीस आईडी में हेरफेर कर धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार कर ली।
​न्यायालय ने भेजा पुलिस रिमांड पर
​पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल है और अब तक कितनी रसीदों में ऐसी कूटरचना की गई है।
​सराहनीय भूमिका
​इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक हितेश पाटिल, सउनि राकेश तिवारी, सउनि कमलपुरी गोस्वामी, मप्रआर प्रीति मालवीय, मआर मोनिका और आरक्षक मातादीन धाकड़ की मुख्य भूमिका रही।

रिपोर्टर : साजिद पठान

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