पुलिस हिरासत से भागे चोरी के संदिग्ध 6 घंटे में गिरफ्तार, कांटाफोड़ थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
देवास : कांटाफोड़ थाना क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पुलिस हिरासत में रखे गए गणेश मंदिर चोरी के दो संदिग्ध चकमा देकर फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए चार घंटे के भीतर ही दोनों को सतवास-कांटाफोड़ सीमा के पास एक खेत से धर दबोचा। पुलिस भले ही इसे अपनी सफलता बता रही है, लेकिन थाने से संदिग्धों का भाग जाना सुरक्षा व्यवस्था और थाना प्रभारी की लापरवाही पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर रहा है।
बहाना बनाकर थाने से हुए थे रफूचक्कर
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौम्या जैन ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि कांटाफोड़ पुलिस ने प्रसिद्ध गणेश मंदिर में हुई चोरी के मामले में पूछताछ के लिए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया था। थाने में मौजूद इन संदिग्धों ने पानी पीने और वॉशरूम जाने का बहाना बनाया और मौका पाकर थाना परिसर से बाहर निकल भागे।
घेराबंदी कर सतवास पुलिस ने पकड़ा
संदिग्धों के भागने की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तुरंत अलग-अलग टीमें गठित कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। आसपास के थानों को अलर्ट किया गया, जिसके बाद सतवास पुलिस की मदद से दोनों संदिग्धों को सतवास और कांटाफोड़ के बीच एक खेत से घेराबंदी कर पकड़ा गया। बाद में उन्हें पुनः कांटाफोड़ पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
लापरवाही पर जवाबदेही का इंतज़ार
इस पूरी घटना ने थाने की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। सुरक्षित माने जाने वाले थाना परिसर से संदिग्धों का इस तरह भाग निकलना सीधे तौर पर थाना प्रभारी सुरेखा निमोदा की लापरवाही को दर्शाता है। चर्चा है कि यदि संदिग्ध समय पर न पकड़े जाते तो पुलिस की और भी किरकिरी हो सकती थी।
"पुलिस की कार्यप्रणाली में कहां और किस स्तर पर चूक हुई है, इसकी गंभीरता से जांच की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी।"
सौम्या जैन,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
अब देखना यह है कि जांच के बाद इस लापरवाही के लिए थाना प्रभारी पर क्या गाज गिरती है या मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
रिपोर्टर : साजिद पठान


No Previous Comments found.