कलेक्टर ऋतुराज सिंह का सख्त रुख: हर सोमवार एसडीएम करेंगे ब्लॉक स्तरीय समीक्षा
देवास - जिले में प्रशासनिक कार्यों को गति देने और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। समय-सीमा (TL) बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अब से जिले के सभी एसडीएम हर सोमवार अपने-अपने अनुभाग में सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक लेंगे और विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।
सड़कों की बदहाली पर बरसे कलेक्टर, जीएम को नोटिस
बैठक में पीएमजीएसवाय (PMGSY) की सड़कों की खराब स्थिति और पेंचवर्क में देरी पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। विशेष रूप से कन्नौद-गढ़वाय मार्ग का पेंचवर्क कार्य पूरा न होने पर उन्होंने जीएम पीएमजीएसवाय को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ तो विभागीय जांच भी बैठाई जाएगी।
प्रमुख निर्देश और सख्त कार्रवाई:
कलेक्टर ने बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए:
भवन निर्माण में लापरवाही: संत रविदास सामुदायिक भवन का अनुबंध होने के बावजूद कार्य शुरू न करने वाले ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग को अल्टीमेटम: जिले के 20 हजार शेष विद्यार्थियों का ओटीआर (OTR) रजिस्ट्रेशन 7 दिनों के भीतर पूर्ण करने हेतु जिला शिक्षा अधिकारी को सख्त हिदायत दी।
स्कूलों में स्वच्छता: जिले के सभी शासकीय और निजी स्कूलों/कॉलेजों में पानी की टंकियों की सफाई अनिवार्य है। नगरीय निकायों को निर्देश दिए गए कि टंकी पर सफाई की तारीख भी अंकित की जाए। शासकीय भूमि का सत्यापन: 1980 के बाद से आवंटित सभी शासकीय भूमियों का रिकॉर्ड निकालकर एसडीएम के माध्यम से भौतिक सत्यापन कराया जाएगा कि भूमि का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए हो रहा है या नहीं। कार्य में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर ने बावड़ीखेड़ा पंचायत सचिव और संबंधित सब इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के निर्देश दिए।
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संकल्प से समाधान' अभियान पर जोर
कलेक्टर ने "संकल्प से समाधान अभियान" की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए सभी 17 विभागों को निर्देशित किया कि वे डोर-टू-डोर जाकर पात्र नागरिकों से आवेदन लें। उन्होंने लक्ष्य दिया कि 15 फरवरी तक प्रथम चरण के तहत घर-घर जाकर आवेदन एकत्र किए जाएं। एनआरसी और आंगनवाड़ी का होगा निरीक्षण स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि एनआरसी (NRC) में एक भी बेड खाली नहीं रहना चाहिए। एसडीएम को निर्देश दिए गए कि वे लगातार आंगनवाड़ी केंद्रों और छात्रावासों का औचक निरीक्षण करें और रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
रिपोर्टर : साजिद पठान

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