स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर कलेक्टर सख्त: जिला अस्पताल में महीने में दो बार लगेंगे रक्तदान शिविर

​देवास : कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा (TL) बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (HRP) के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई होगी।

​प्रमुख निर्देश और निर्णय ​बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने और कुपोषण मुक्त जिले के संकल्प को पूरा करने के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए: ​नियमित रक्तदान शिविर: रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला अस्पताल में माह में दो बार और प्रत्येक विकासखंड स्तर पर माह में एक बार अनिवार्य रूप से ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित किए जाएंगे।
​सैम-मैम बच्चों का शत-प्रतिशत पंजीयन: महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए गए कि सैम (SAM) और मैम (MAM) श्रेणी के बच्चों का बारीकी से चिन्हांकन कर पोषण ट्रैकर ऐप पर शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करें। विशेषकर बागली, टोंकखुर्द और कन्नौद में कम प्रगति पर एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है।
​लापरवाही पर पेनल्टी: सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में उदासीनता बरतने पर बागली की प्रभारी सीडीपीओ श्रीमती श्यामा भार्गव पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए।
​डिजिटल मॉनिटरिंग और नवाचार
​कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम के तहत बच्चों की डाइट और पोषण से संबंधित वीडियो बनाए जाएं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता होम विजिट के दौरान इन वीडियो को माताओं को दिखाएं ताकि वे बच्चों के खान-पान के प्रति जागरूक हो सकें। साथ ही, 6 माह तक केवल स्तनपान (Exclusive Breastfeeding) के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया।
​अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश:
​डाटा मिलान: अनमोल पोर्टल पर एएनसी (ANC) रजिस्ट्रेशन का डाटा स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग के बीच एकसमान होना चाहिए।
​समूहों की समीक्षा: सभी एसडीएम को स्कूलों में मध्याह्न भोजन देने वाले स्व-सहायता समूहों (SHG) की क्षमता और उनकी सदस्यता की जांच करने के निर्देश दिए गए।
​शासकीय भवन: रिक्त पड़े सरकारी भवनों का चिन्हांकन कर उनके सदुपयोग की योजना बनाने को कहा गया।
​सामाजिक न्याय: दिव्यांग और कल्याणी विवाह सहायता योजनाओं में अधिकारियों को प्रो-एक्टिव होकर पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
​बैठक में नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार, अपर कलेक्टर शोभाराम सोलंकी, संजीव कुमार जैन सहित जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

रिपोर्टर : साजिद पठान

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