48 घंटे में 'अंधेकत्ल' का सनसनीखेज खुलासा: दोस्त ही निकला कातिल,पुलिस को गुमराह करने लाश के पास ही खड़ा रहा आरोपी
देवास : पुलिस ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 48 घंटों के भीतर सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। थाना कमलापुर पुलिस ने दोस्ती के रिश्ते को कलंकित करने वाले उस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने अपने ही मित्र की नृशंस हत्या कर दी और खुद को बेगुनाह बताने के लिए घटनास्थल पर ही मौजूद रहकर पुलिस को गुमराह करता रहा।
खेत दिखाने के बहाने जंगल ले जाकर की हत्या
घटना 1 फरवरी 2026 की है। ग्राम भमोरी के पास जंगल के सुनसान रास्ते पर करनावद निवासी सतीश पाटीदार (35) की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने जब मामले की तहकीकात शुरू की, तो तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर मृतक के दोस्त जितेन्द्र पाटीदार पर शक की सुई घूमी।
शातिर दिमाग: वारदात के बाद भीड़ में शामिल हुआ आरोपी
पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ वह चौंकाने वाला था। आरोपी जितेन्द्र ने आपसी मतभेद के चलते सतीश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी।
बहाना: आरोपी ने सतीश को आलू का खेत दिखाने के बहाने जंगल में बुलाया।
वारदात: सुनसान जगह देखते ही जितेन्द्र ने नुकीले लोहे के पाइप से सतीश के सिर पर जोरदार हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
गुमराह करने की साजिश: हत्या के बाद आरोपी भागा नहीं, बल्कि वह वहीं घटनास्थल पर ग्रामीणों के बीच मौजूद रहकर चर्चा करता रहा ताकि पुलिस को उस पर शक न हो।
पुलिस की प्रभावी कार्यवाही और बरामदगी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सौम्या जैन और एसडीओपी बागली के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सर्जन सिंह मीणा की टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा। पुलिस ने आरोपी के पास से:
घटना में प्रयुक्त नुकीला लोहे का पाइप।
वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जप्त कर ली है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी सर्जन सिंह मीणा, चौकी प्रभारी करनावद उनि चिंतामणि चौहान, प्र.आर. अरुण आर्य, राजेंद्र शर्मा, सायबर सेल से सचिन चौहान और शिवप्रताप सिंह सहित पूरी टीम की विशेष भूमिका रही।
मुख्य आरोपी: जितेन्द्र पिता धूलचंद पाटीदार (35 वर्ष), निवासी करनावद।
रिपोर्टर - साजिद पठान


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