‘’किलकारी अभियान’’ से महका महक का जीवन, पोषण पुनर्वास केंद्र टोंकखुर्द में उपचार से कुपोषण से हुई मुक्‍त

देवास : कुपोषण मुक्‍त बनाने के लिए किलकारी अभियान के तहत कुपोषण श्रेणी के बच्‍चों को पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कर कुपोषण से मुक्‍त कराया जा रहा है। इस अभियान की सफलता के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों से बच्चों की पहचान कर उन्हें उपचार हेतु केंद्रों तक पहुँचाया जा रहा है। अति कुपोषण की श्रेणी में आ रही बच्‍ची महक को अभियान के तहत पोषण पुनर्वास केंद्र टोंकखुर्द में भर्ती कराया गया।  भर्ती के समय महक का वजन 3 किलो 315 ग्राम दर्ज किया गया साथ ही उसे सर्दी खांसी भी हो रही थी। पोषण पुनर्वास केंद्र टोंकखुर्द में पोषण प्रशिक्षक  सरिता रघुवंशी द्वारा महक को पोषण आहार (एफ 75,एफ 100 डी), आवश्यक उपचार एवं विशेष देखभाल प्रदान की गई। महक के माता पिता को शिशु पोषण, सही फीडिंग विधि एवं स्वच्छता संबंधी परामर्श दिया गया। एनआरसी स्टाफ की निरंतर देखरेख और उचित पोषण के परिणाम स्वरूप महक के वजन में सुधार हुआ। महक की 14 दिवस उपरांत एनआरसी से छुट्टी के समय महक का वजन 3 किलो 955 ग्राम दर्ज किया गया। छुट्टी के उपरांत प्रति चार दिवस में महक को फॉलोअप के लिए बुलाया जा रहा है। प्रथम फॉलोअप में महक का वजन 4 किलो 190 ग्राम दर्ज किया गया।  महक की मॉ को मजदूरी क्षतिपूर्ति भत्ता 120 रूपये प्रतिदिन के मान से 14 दिन का 1680 रूपये भुगतान किया गया। महक अब महक कुपोषण से सुपोषण की ओर बढ़ चुकी है। महक के माता-पिता अब प्रसन्न हैं एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव  और जिला प्रशास को हृदय से धन्‍यवाद दे रही है।

रिपोर्टर : साजिद पठान

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