कलेक्टर ऋतुराज सिंह की मौजूदगी में जनगणना प्रशिक्षण का आगाज़, डिजिटल दक्षता पर ज़ोर
देवास : जिले में आगामी जनगणना कार्य को सुचारू और त्रुटिरहित बनाने के लिए जिला पंचायत सभाकक्ष में मास्टर ट्रेनर्स हेतु विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में जनगणना की बारीकियों और तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
डिजिटल माध्यम से होगी गणना, 'जीरो एरर' पर फोकस
प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने स्पष्ट किया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। उन्होंने मास्टर ट्रेनर्स को निर्देश दिए कि:
डिजिटल दक्षता: सभी ट्रेनर्स तकनीक में दक्ष बनें क्योंकि समस्त डेटा 'एचएलओ' (HLO) ऐप के माध्यम से दर्ज किया जाएगा।
सटीक नंबरिंग: हाउस लिस्टिंग के दौरान कोई भी मकान, भवन या ढांचा सर्वे से छूटना नहीं चाहिए। प्रत्येक इकाई को नियमानुसार क्रमबद्ध नंबर दिए जाएं।
वर्गीकरण: एचएलओ चरण में केवल सामान्य और संस्थागत परिवारों को ही शामिल किया जाएगा।
चार दिवसीय प्रशिक्षण और समय-सीमा
जनगणना निदेशालय मध्यप्रदेश के उपसंचालक राजेश मौर्य, संदीप घोरे और सुश्री सोनिका गर्ग ने पीपीटी (PPT) के माध्यम से मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
प्रथम चरण: हाउस लिस्टिंग ऑपरेशंस (HLO) का कार्य 01 मई 2026 से 30 मई 2026 तक चलेगा।
सेल्फ-एन्युमरेशन: इस बार जनता के लिए 'स्व-गणना' का विकल्प भी होगा। नागरिक पोर्टल पर विशेष SEID (Self Enumeration ID) के जरिए खुद अपनी जानकारी भर सकेंगे।
घर-घर दस्तक: प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर आवास की स्थिति, सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित अधिसूचित प्रश्नावली के आधार पर डेटा जुटाएंगे।
"यह प्रशिक्षण जनगणना कार्य को समयबद्ध, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सभी कर्मचारी पूर्ण निष्ठा के साथ इस राष्ट्रीय कार्य में अपना योगदान दें।"
प्रशिक्षण में प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर आनंद मालवीय सहित जनगणना निदेशालय के अधिकारी और विभिन्न संबंधित विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्टर : साजिद पठान
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