लापरवाही पर कड़ा प्रहार: देवास कलेक्टर ने 5 नगर परिषद के CMO की दो-दो वेतन वृद्धि रोकने के दिए निर्देश।
देवास : 'संकल्प से समाधान अभियान' और शासन की हितग्राहीमूलक योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले की 5 नगर परिषदों (बागली, पीपलरावां, लोहारदा, सतवास और करनावद) के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (CMO) द्वारा अभियान में रुचि न लेने और प्रगति शून्य मिलने पर उनकी दो-दो वेतन वृद्धि (Increment) रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही,मॉनिटरिंग में ढिलाई बरतने पर PO डूडा को कारण बताओ नोटिस थमाया गया है। स्वास्थ्य विभाग और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर भी गिरी गाज बैठक में केवल नगरीय प्रशासन ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की सुस्ती पर भी कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई।
सोनकच्छ BMO: दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश। सभी BMO: जिले के सभी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर्स को शोकाज नोटिस।
CHO और सुपरवाइजर: स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्रों तक न पहुँचाने पर जिले की सभी CHO और आंगनवाड़ी सुपरवाइजरों का 10-10 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। GM DIC: बैठक से बिना अनुमति गायब रहने पर एक दिन का वेतन काटने का आदेश। अभियान का लक्ष्य: घर-घर पहुँचकर मिले लाभ कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने स्पष्ट किया कि 'संकल्प से समाधान अभियान' का उद्देश्य कागजी खानापूर्ति नहीं, बल्कि धरातल पर निराकरण है। उन्होंने निर्देश दिए कि 70+ आयु के बुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए CHO और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाएं। स्कूलों में पढ़ रहे सभी विद्यार्थियों के जाति प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से बनाए जाएं। नगर निगम क्षेत्र में वार्ड स्तर पर शिविर लगाकर पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ा जाए। बैंकों द्वारा रिजेक्ट किए गए प्रकरणों और PM आवास व PM विश्वकर्मा जैसी योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की जाए। चार चरणों में हो रहा समाधान
बैठक में बताया गया कि यह अभियान चार चरणों में 31 मार्च 2026 तक चलेगा:
प्रथम चरण: (12 जनवरी - 15 फरवरी) - आवेदन एकत्र किए गए।
द्वितीय चरण: (16 फरवरी - 16 मार्च) - क्लस्टर स्तर पर निराकरण जारी।
तृतीय चरण: (16 मार्च - 26 मार्च) - ब्लॉक स्तर पर संयुक्त शिविर।
चतुर्थ चरण: (26 मार्च - 31 मार्च) - जिला स्तर पर अंतिम निराकरण और लाभ वितरण।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश: कलेक्टर ने 15 साल से पुराने शासकीय वाहनों को स्क्रैप करने और खातेगांव व कन्नौद में ई-केवायसी की धीमी प्रगति पर संबंधित सचिवों के विरुद्ध भी कार्यवाही की बात कही।
रिपोर्टर : साजिद पठान

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