कलेक्टर की सख्त कार्रवाई, लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की रुकेगी वेतन वृद्धि; कई का वेतन काटने के निर्देश
देवास : कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और लक्ष्यों की पूर्ति न करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान उन्होंने कार्य में उदासीनता बरतने वाले सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं की वेतन वृद्धि रोकने तथा मानदेय में कटौती करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
इन पर गिरी गाज: वेतन वृद्धि और मानदेय में कटौती
बैठक में समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कई गंभीर लापरवाहियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए:
बाल मृत्यु एवं लापरवाही: आरोग्यम मंदिर दतोत्तर के चो श्री राहुल और एएनएम श्रीमती भारती खत्री की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए। वहीं, आशा कार्यकर्ता श्रीमती अनीता की प्रोत्साहन राशि में कटौती की जाएगी।
नर्सिंग ऑफिसर: जिन प्रसव केंद्रों पर बाल मृत्यु के मामले सामने आए हैं, वहां की नर्सिंग ऑफिसर्स की 2-2 वेतन वृद्धि रोकी जाएगी।
सोनकच्छ ब्लॉक: 70% से कम एएनसी (ANC) पंजीयन करने वाली सभी एएनएम और सीएचओ की दो-दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
एएनएम रेखा मालवीय: इनकी भी दो वेतन वृद्धि रोकने के आदेश दिए गए।
आशा कार्यकर्ता: होम विजिट (HBNC) न करने वाली आशाओं का 15 दिन का वेतन कटेगा। फर्जी रिपोर्टिंग करने वाली 3 आशाओं का भी 15 दिन का मानदेय काटने के निर्देश दिए गए।
निक्षय पोर्टल: एंट्री में लापरवाही पर एक्स-रे टेक्नीशियन विमल पाटीदार का 10 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष पहल
कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने निर्देशित किया कि एनीमिक गर्भवती महिलाओं को ब्लड ट्रांसफ्यूजन (रक्त चढ़ाने) पर तत्काल 500 रुपये की सहायता राशि दी जाए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के खान-पान की जांच के लिए विशेष अभियान चलाने और प्रीमेच्योर डिलीवरी की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को भी कहा।
बैठक के मुख्य निर्देश और महत्वपूर्ण निर्णय
बाल विवाह पर सख्त एक्शन: कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र में बाल विवाह होता है, तो संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सीधे निलंबित किया जाएगा।
रेफरल प्रोटोकॉल: नवजात को रेफर करते समय उन्हें नए सैनिटाइज्ड तौलिए में लपेटना और रिसीविंग डॉक्टर से अनिवार्य रूप से बात करना सुनिश्चित किया जाए।
संकल्प से समाधान: अगले 15 दिनों तक कैंप लगाकर विकलांगता प्रमाण-पत्र बनाने के निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षण: महिला बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कार्यकर्ताओं को एनीमिया स्क्रीनिंग और खान-पान परामर्श के लिए रोस्टर बनाकर ट्रेनिंग दी जाएगी।
बैठक में उपस्थिति
कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में संयुक्त कलेक्टर सुश्री अंशु जावला, सीएमएचओ डॉ. सरोजनी जेम्स बेक, सिविल सर्जन डॉ. आर.पी. परमार, महिला बाल विकास अधिकारी साबिर अहमद सिद्दीकी सहित सभी बीएमओ, बीपीएम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। सभी एसडीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से बैठक से जुड़े।
रिपोर्टर : साजिद पठान


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