ऑपरेशन 'त्रिनेत्रम' से टूटी नकबजन गैंग की कमर: हरणगांव पुलिस ने CCTV की मदद से किया सनसनीखेज खुलासा
देवास : हरणगांव पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देशन में देवास पुलिस को सफलता हाथ लगी है। थाना हरणगांव पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए एक शातिर नकबजन गैंग का पर्दाफाश किया है, जो पन्नी बीनने की आड़ में सूने मकानों को अपना निशाना बनाती थी। पुलिस ने इस मामले में महिला आरोपियों सहित कुल 10 लोगों (3 नाबालिगों सहित) को गिरफ्तार किया है।
क्या था मामला?
बीती 16 फरवरी 2026 को फरियादिया ने थाना हरणगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जब वह अपने घर पर ताला लगाकर दुकान गई थी, तब अज्ञात बदमाशों ने घर और अलमारी का ताला तोड़कर ₹50,000 की नकदी पार कर दी। पुलिस ने तत्काल बीएनएस (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
100+ कैमरों ने खोला राज
घटना की गंभीरता को देखते हुए एएसपी (ग्रामीण) श्रीमती सौम्या जैन और एसडीओपी कन्नौद के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अभिषेक सिंह सेंगर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने "ऑपरेशन त्रिनेत्रम" के तहत घटनास्थल और भागने के रास्तों के लगभग 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इन फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान हुई और 19 मार्च 2026 को मुख्य आरोपी एमरुस पाल और मधु बाई को सीहोर के इच्छावर से गिरफ्तार किया गया।
पन्नी बीनने की आड़ में 'रैकी' और 'चोरी'
पूछताछ में आरोपियों ने चोरी करने का अनोखा और शातिर तरीका बताया। यह गैंग गांव-गांव जाकर पन्नी बीनने का काम करती है। इसी दौरान वे सूने और ताला लगे मकानों की रैकी करते हैं। मौका मिलते ही गैंग के कुछ सदस्य बाहर निगरानी रखते हैं और बाकी अंदर घुसकर हाथ साफ कर देते हैं।
पड़ोसी जिले की चोरी का भी खुलासा
हरणगांव पुलिस द्वारा जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों और फुटेज की मदद से सीहोर जिले के थाना भेरूंदा में हुई इसी प्रकार की एक अन्य चोरी का भी खुलासा हुआ है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस ने इच्छावर (सीहोर) के जूना पानी निवासी निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
एमरुस पाल पिता राम प्रसाद
मधु बाई पति एमरुसपाल
राजेंद्र पिता मोती सिंह
हलिका पारदी पति राजेंद्र
राजना पारदी पिता मोती सिंह
करण कपूर पारदी पिता तेरू सिंह
दिव्या पारदी पति करण कपूर
03 नाबालिग आरोपी
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने में थाना प्रभारी अभिषेक सिंह सेंगर, प्रधान आरक्षक ओमप्रकाश पाटिल, आरक्षक बलराम, बलवान, संजय, संदीप, महेंद्र और महिला आरक्षक श्वेता की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।
नोट: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया मश्रुका (माल) भी बरामद कर लिया है और आगे की वैधानिक कार्यवाही जारी है।
रिपोर्टर : साजिद पठान

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