आंगनवाड़ी केंद्रों में 'विद्यारंभ' कार्यक्रम आयोजित: स्कूली शिक्षा की दहलीज पर कदम रखेंगे नन्हे बच्चे

​देवास : जिले में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (ECE) को सुदृढ़ करने और आंगनवाड़ी केंद्रों की शैक्षणिक महत्ता को रेखांकित करने के उद्देश्य से मंगलवार को 'विद्यारंभ' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के मार्गदर्शन में जिले की समस्त आंगनवाड़ी केंद्रों पर 5 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को, जो आगामी सत्र में स्कूल में प्रवेश लेंगे, विद्यारंभ प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

शहरी परियोजना में गरिमामय आयोजन
​इसी कड़ी में महिला एवं बाल विकास परियोजना (देवास शहरी) के सभाकक्ष में मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी साबीर अहमद सिद्दीकी, पार्षद आलोक साहू एवं परियोजना अधिकारी मोहनलाल अहिरवार विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने बच्चों को तिलक लगाकर और प्रमाण पत्र भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
​कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य
​जिला कार्यक्रम अधिकारी साबीर अहमद सिद्दीकी ने बताया कि इस पहल के पीछे दो प्रमुख लक्ष्य हैं:
​सहज स्थानांतरण: आंगनवाड़ी में पंजीकृत 5-6 वर्ष के बच्चों को प्राथमिक शाला में प्रवेश के लिए मानसिक और औपचारिक रूप से तैयार करना।
​शिक्षा का सुदृढ़ीकरण: समुदाय में यह संदेश देना कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल पोषण ही नहीं, बल्कि प्रारंभिक शिक्षा (ECE) के भी प्रमाणिक केंद्र हैं।
​"इन प्रमाण पत्रों के वितरण से अभिभावकों और समुदाय के बीच आंगनवाड़ी केंद्रों की शैक्षणिक साख बढ़ेगी, जिससे वे बच्चों को नियमित रूप से केंद्र भेजने के लिए प्रेरित होंगे।"
साबीर अहमद सिद्दीकी, जिला कार्यक्रम अधिकारी
​प्रशासनिक संदेश: विद्यारंभ प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले ये बच्चे अब स्कूली शिक्षा के लिए पूरी तरह पात्र माने जाएंगे, जिससे प्राथमिक स्कूलों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

रिपोर्टर : साजिद पठान

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