सावधान किसान भाई: देवास में नकली कीटनाशक बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
देवास : खातेगांव जिले के किसानों की फसलों और मेहनत के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े गिरोह को पकड़ने में कृषि विभाग और पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के कड़े निर्देशों के बाद, कृषि विभाग ने कार्रवाई करते हुए नकली कीटनाशक बेच रहे तीन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा और उनके विरुद्ध FIR दर्ज की है।
कैसे पकड़ाया गिरोह ?
उपसंचालक कृषि, गोपेश पाठक ने बताया कि वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी खातेगांव को गुप्त सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार में कुछ लोग घूम रहे हैं। ये लोग 'स्टिका न्यूट्रीकेम प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी के नाम पर 'स्टिका डिफेंडर एफ-16' नामक नकली कीटनाशक किसानों को बेचने की कोशिश कर रहे थे।
सूचना मिलते ही पुलिस और कृषि विभाग की टीम ने घेराबंदी की और वाहन को रोककर तलाशी ली।
कार्रवाई का विवरण
बरामदगी: तलाशी के दौरान कार से 50 लीटर नकली कीटनाशक बरामद किया गया।
अवैध कारोबार: यह कीटनाशक बिना किसी वैध लाइसेंस या पंजीकरण के बेचा जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपी: 1. राजू मोरान्या (निवासी सनावद)
2. मनोज बिरला (निवासी खेड़ीबुजुर्ग, जिला खंडवा)
3. शांतिलाल चौधरी (निवासी राईझर, जिला खरगोन)
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ कानून का शिकंजा कस दिया गया है। उन पर निम्नलिखित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है:
कीटनाशी अधिनियम 1968: धारा 29 (1) (क), 29 (1) (ख), और 29 (1) (ग)।
भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 318 (4) (धोखाधड़ी)।
"यह उत्पाद पूरी तरह नकली है। इसके उपयोग से न केवल किसानों की फसल बर्बाद हो सकती थी, बल्कि मिट्टी की उर्वरता को भी गंभीर नुकसान पहुँच सकता था।" – कृषि विभाग अधिकारी
कृषि विभाग की किसानों से अपील
कृषि विभाग ने जिले के समस्त किसान भाइयों से अनुरोध किया है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदारी करें: खाद, बीज या कीटनाशक हमेशा लायसेंस धारी दुकानदारों से ही लें।
पक्का बिल मांगें: कोई भी सामग्री खरीदने पर उसका वैध बिल अवश्य प्राप्त करें।
संदिग्ध की सूचना दें: यदि कोई व्यक्ति गांव में आकर बिना दुकान के या सस्ते दाम पर सामग्री बेचता है, तो इसकी सूचना तुरंत अपने क्षेत्र के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को दें।
कलेक्टर का सख्त रुख: जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री मिल सके।
रिपोर्टर : साजिद पठान
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