देवास पुलिस का बड़ा एक्शन: "e-Zero FIR" से झारखंड के साइबर गिरोह का पर्दाफाश,1500 किमी दूर से दबोचे गए ठग

देवास : मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के मार्गदर्शन में प्रदेश भर में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत देवास पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राज्य में लागू की गई नई “e-Zero FIR” प्रणाली और पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के नेतृत्व में जारी “ऑपरेशन साइबर” के समन्वय से पुलिस ने झारखंड के गिरिडीह जिले में सक्रिय एक संगठित साइबर गिरोह को ध्वस्त किया है।

मुख्य हाइलाइट्स:
बड़ी रिकवरी: 3 जनवरी 2026 को हुई 4.75 लाख की ठगी में से 4,01,000/- रुपये बरामद।
गिरफ्तारी: झारखंड के गिरिडीह से 04 शातिर आरोपी गिरफ्तार।
ब्लॉकिंग स्ट्राइक: साइबर ठगी में प्रयुक्त 2500 मोबाइल नंबर कराए गए ब्लॉक।
कुल सफलता: ऑपरेशन साइबर के तहत अब तक ₹2.50 करोड़ से अधिक राशि होल्ड।
e-Zero FIR: 'गोल्डन ऑवर' में हुई कार्यवाही
डीजीपी कैलाश मकवाना द्वारा शुरू की गई ई-जीरो एफआईआर प्रणाली का लाभ सीधे तौर पर जनता को मिल रहा है। इसके तहत ₹1 लाख से अधिक की ठगी होने पर हेल्पलाइन (1930) या पोर्टल पर दर्ज शिकायत सीधे एफआईआर में तब्दील हो जाती है। इसी का फायदा नाहर दरवाजा क्षेत्र के निवासी महान मालवीय को मिला, जिनके खाते से APK फाइल (RTO Chalan) के जरिए 4.75 लाख रुपये उड़ा लिए गए थे। पुलिस ने तत्काल डिजिटल ट्रेल का पीछा किया और आरोपियों को लोकेट किया।
झारखंड के गिरिडीह से 04 आरोपी गिरफ्तार
देवास पुलिस की टीम ने 1500 किलोमीटर दूर दबिश देकर झारखंड के गिरिडीह जिले से गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया:
रोशन मोदी (24 वर्ष)
सुजीत कुमार चंद्रवंशी
सुजीत पासवान (21 वर्ष)
सुजीत चंद्रवंशी (28 वर्ष)
इनके पास से 4.01 लाख रुपये नकद और ठगी में प्रयुक्त 4 एंड्रॉइड मोबाइल जब्त किए गए हैं।
"ऑपरेशन साइबर" के प्रभावशाली आंकड़े
पुलिस अधीक्षक देवास द्वारा जिले में "साइबर-मित्र" और "पुलिस चौपाल" जैसे नवाचारों से जनता को जागरूक किया जा रहा है। 01 नवंबर 2024 से अब तक की उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
विवरण | संख्या/राशि 

कुल साइबर शिकायतें | 2587 
होल्ड कराई गई राशि | ₹2,50,70,630/- 
पीड़ितों को वापस दिलाई गई राशि | ₹2,43,00,000/- (लगभग) 
डिजिटल अरेस्ट से बचाए गए लोग | 160 व्यक्ति 
ब्लॉक किए गए मोबाइल नंबर | 2500 
सराहनीय टीम
इस चुनौतीपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी नाहर दरवाजा अमित सोलंकी, उनि जगदीश चौहान, प्रधान आरक्षक नितेश द्विवेदी, धर्मराजसिंह और साइबर सेल प्रभारी शिवप्रताप सिंह सेंगर सहित पूरी साइबर टीम का विशेष योगदान रहा।

रिपोर्टर : साजिद पठान

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