देवास जिला प्रशासन का सख्त कदम; शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में नशा पूरी तरह प्रतिबंधित

​देवास :  युवा पीढ़ी को नशे के जाल से बचाने और जिले के शैक्षणिक वातावरण को सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी शोभाराम सोलंकी ने जिले की सीमा में आने वाले सभी शासकीय एवं अशासकीय शैक्षणिक संस्थानों (स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर) को "ड्रग-फ्री ज़ोन" (Drug-Free Zone) घोषित करने के आदेश जारी किए हैं। ​इस आदेश के तहत अब शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ की बिक्री या भंडारण पाए जाने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आदेश की मुख्य बातें: क्या रहेंगे नए नियम? ​प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि छात्रों के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी:

​बिक्री और भंडारण पर रोक: संस्थानों की 500 मीटर की परिधि में मादक पदार्थ, नशीली दवाएं (बिना वैध पर्ची), सिगरेट, बीड़ी और अन्य तंबाकू उत्पादों का विक्रय, भंडारण एवं प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
​अनिवार्य साइन बोर्ड: सभी संस्था प्रमुखों को परिसर के बाहर "यह क्षेत्र ड्रग-फ्री ज़ोन है" का बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाना होगा।
​काउंसिलिंग और स्क्रीनिंग: प्रवेश के समय छात्रों की काउंसिलिंग की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर स्वैच्छिक स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी।
​तत्काल सूचना तंत्र: यदि कोई छात्र नशा करते पाया जाता है, तो संस्थान को तत्काल संबंधित थाने को सूचित करना होगा। ऐसे छात्रों को थाना प्रभारी के माध्यम से नशामुक्ति केंद्र/उपचार केंद्र भेजा जाएगा।
​अधिकारियों की तय की गई जिम्मेदारी
​अपर कलेक्टर  सोलंकी ने इस अभियान को धरातल पर उतारने के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की है:
​रिकॉर्ड संधारण: तहसीलदार, नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी अपने क्षेत्र के स्कूलों/कॉलेजों के आसपास की दुकानों, गुमटियों और ठेलों का रिकॉर्ड तैयार करेंगे।
​नियमित निरीक्षण: SDM, एसडीओ (पुलिस) और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) नियमित रूप से संस्थानों का निरीक्षण करेंगे और जागरूकता शिविर आयोजित करेंगे।
​पाक्षिक रिपोर्ट: जांच की रिपोर्ट हर 15 दिन में जिला एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय की नारकोटिक्स शाखा को भेजनी होगी।
​अतिक्रमण और अवैध निर्माण पर चलेगा 'बुलडोजर'
​आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि 500 मीटर की परिधि में किसी अवैध निर्माण या अतिक्रमण में नशे के विक्रय की शिकायत मिलती है, तो नगरीय निकाय, राजस्व और पुलिस विभाग मिलकर उसे तत्काल ध्वस्त करने की कार्यवाही करेंगे।
​अपर कलेक्टर की चेतावनी: "इन निर्देशों का कड़ाई से पालन अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विभाग प्रमुख की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय कर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।"

रिपोर्टर : साजिद पठान

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