जल गंगा संवर्धन अभियान: विधायक और जिला पंचायत CEO ने चापड़ा में किया श्रमदान
देवास : आने वाली पीढ़ी को जल संकट से बचाने और सुरक्षित भविष्य देने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शुरू किया गया “जल गंगा संवर्धन अभियान” अब जन-आंदोलन का रूप ले रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को बागली विकासखंड की ग्राम पंचायत चापड़ा में तालाब गहरीकरण कार्य का भव्य शुभारंभ किया गया।
प्रमुख उपस्थिति एवं श्रमदान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बागली विधायक मुरली भंवरा एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती ज्योति शर्मा उपस्थित रहीं। अभियान की सार्थकता सिद्ध करते हुए अतिथियों ने स्वयं हाथों में तगारी और फावड़ा उठाकर तालाब की मिट्टी खोदी और श्रमदान किया। इस अवसर पर जनपद सीईओ राजू मेड़ा, सरपंच नाथू सिंह सेंधव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।
संबोधन के मुख्य अंश
1. विधायक मुरली भंवरा:
विधायक भंवरा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि धरती माता हमें पानी तभी दे पाएगी, जब हम वर्षा जल को सहेजने के पर्याप्त इंतजाम करेंगे। उन्होंने जोर देते हुए कहा:
"यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करने का एक पुनीत संकल्प है। आज की बचत ही भविष्य की प्यास बुझाएगी।"
2. जिला पंचायत CEO श्रीमती ज्योति शर्मा:
सीईओ श्रीमती शर्मा ने बढ़ती जनसंख्या और सीमित जल स्रोतों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा:
आजादी के समय 40 करोड़ की आबादी के मुकाबले आज हम 140 करोड़ पार कर चुके हैं, लेकिन जल स्रोत उतने ही हैं।
पानी का निर्माण संभव नहीं है, इसे केवल संरक्षण से ही बचाया जा सकता है।
अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संरचनाओं से अतिक्रमण तुरंत हटाए जाएं और जनसहयोग से सौंदर्यीकरण किया जाए।
भावुक कर देने वाला इतिहास
ग्राम सरपंच नाथू सिंह सेंधव ने इस तालाब से जुड़ी एक प्रेरणादायक कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि वर्षों पहले एक महिला ने अपने पैरों के चांदी के कड़े बेचकर इस तालाब को केवल इसलिए खुदवाया था ताकि बेजुबान मवेशी प्यासे न रहें। उन्होंने कहा कि ऐसी महान धरोहरों का संरक्षण करना हमारा नैतिक और सामूहिक कर्तव्य है।
अभियान का संदेश: कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित ग्रामीणों और अधिकारियों ने पुरानी जल संरचनाओं को बचाने और जल संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
रिपोर्टर : साजिद पठान


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