कुपोषण मुक्त बचपन ही स्वस्थ और समृद्ध समाज की आधारशिला: सीईओ ज्योति शर्मा

देवास :  कलेक्टर ऋतुराज सिंह के कुशल मार्गदर्शन में कुपोषण के खिलाफ 'किलकारी अभियान 2.0' तेजी से संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में अमलतास अस्पताल से डिस्चार्ज हुए 34 बच्चों को जिला पंचायत सीईओ श्रीमती ज्योति शर्मा द्वारा पौष्टिक आहार और स्वच्छता किट का वितरण किया गया। सीईओ ने बच्चों और उनके अभिभावकों को स्वयं अपने हाथों से यह किट्स प्रदान कीं।

​किट में शामिल है सेहत और स्वच्छता का सामान
​वितरित की गई विशेष किट्स में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जरूरी सामग्रियां शामिल की गई हैं:
​पौष्टिक आहार सामग्री: विभिन्न प्रकार की दालें, अनाज और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ।
​स्वच्छता किट: बच्चों में स्वास्थ्यवर्धक और साफ-सफाई की आदतों को प्रोत्साहित करने वाली वस्तुएँ।
​> "सुपोषण हर बच्चे का अधिकार है" — सीईओ ज्योति शर्मा
​इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्रीमती ज्योति शर्मा ने भावुक और प्रेरक संदेश देते हुए कहा:
"स्वस्थ और पौष्टिक आहार बाल विकास की नींव है। सुपोषण न केवल शारीरिक वृद्धि को बढ़ावा देता है, बल्कि मानसिक विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुपोषण मुक्त बचपन ही एक स्वस्थ और समृद्ध समाज की आधारशिला है। हमारा प्रयास है कि देवास जिले का हर बच्चा सुपोषित बने।"
​अभिभावकों को दी गई जागरूक रहने की सलाह
​कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी साबिर अहमद सिद्दीकी ने उपस्थित अभिभावकों को बच्चों की सेहत सुधारने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिए। उन्होंने विस्तार से समझाया कि बच्चों के समग्र विकास के लिए निम्नलिखित बातें बेहद जरूरी हैं:
​संतुलित आहार: भोजन में विविधता और पोषण।
​स्वच्छता: बीमारी से बचने के लिए साफ-सफाई की आदतें।
​टीकाकरण: समय पर सभी टीके लगवाना।
​नियमित जांच: बच्चों का लगातार हेल्थ फॉलो-अप करना।
​क्या है किलकारी अभियान 2.0?
​यह देवास जिला प्रशासन का एक अत्यंत महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है।
​लक्ष्य: 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण को जड़ से समाप्त करना।
​रणनीति: बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से किट वितरण, ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जागरूकता शिविरों का आयोजन और बच्चों की सेहत का लगातार फॉलो-अप लिया जा रहा है।
​इस गरिमामयी कार्यक्रम में महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी साबिर अहमद सिद्दीकी, ग्रामीण परियोजना अधिकारी डॉ. संदीप रुहल सहित विभाग की समस्त पर्यवेक्षक मुख्य रूप से उपस्थित थीं।

रिपोर्टर : साजिद पठान

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