परीक्षा परिणामों में गिरावट पर देवास कलेक्टर सख्त, 30% से कम रिजल्ट वाले प्राचार्यों को 'शो-कॉज' नोटिस
देवास : स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ऋतुराज सिंह का सख्त रुख देखने को मिला। शासकीय कन्या महारानी चिमना बाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित इस बैठक में कलेक्टर ने सत्र 2025-26 के कक्षा 10वीं और 12वीं के वार्षिक परीक्षा परिणामों में आई गिरावट पर कड़ी अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी सहित जिले के सभी हाई स्कूल और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित थे। इस दौरान कलेक्टर ने प्रत्येक प्राचार्य से 'वन-टू-वन' चर्चा कर कम परिणाम रहने का मुख्य कारण पूछा।
30% से कम परिणाम वाले इन प्राचार्यों को नोटिस
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम 30 प्रतिशत से कम रहा है, उनके प्राचार्यों को तत्काल कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया जाए।
कक्षा 10वीं में इन 18 स्कूलों के प्राचार्यों पर गाज गिरी:
बहादुर सिंह बदुरिया (उ.मा.वि. चापडा)
पुरूषोत्तम सिंह सिसोदिया (उ.मा.वि. पटाडी)
मनोहर लाल हरनिया (हाई स्कूल अगुरली)
अशोक कुमार साहू (उ.मा.वि. नूतन)
रामनिवास अंकेल (हाई स्कूल डोकाकुई)
शिवेषचन्द्र धाकड (हाईस्कूल कन्या पीपलरावां)
विरेन्द्र सेंधव (उ.मा.वि. बालक हाटपीपल्या)
मोहनलाल मंसारे (हाई स्कूल सेवनिया खुर्द)
श्रीमती श्यामा शर्मा (हाई स्कूल पटलावदा)
जे.पी.कुजुर (हाई स्कूल अमोना टोंकखुर्द)
पप्पु सिंह अचाले (उ.मा.वि. पिपरी)
भोलाराम निनामा (हाई स्कूल पर्वतपुरा)
विजय तिवारी (हाई स्कूल डेहरी)
गोकुल सिंह अलावा (हाई स्कूल गोदना)
मनोहर लाल परमार (हाई स्कूल अगेरा)
किशोर चौहान (हाई स्कूल घिचलाय)
जगन्नाथ डामेचा (उ.मा.वि. उत्कृष्ट टोंकखुर्द)
मुन्नालाल अंगोरिया (उ.मा.वि. पीपलरावां)
कक्षा 12वीं में इन 4 प्राचार्यों को नोटिस के निर्देश:
अशोक कुमार साहू (उ.मा.वि. नूतन देवास)
श्रीमती आशा जोशी (उ.मा.वि. सतवास)
अंकित बोयनिया (उ.मा.वि. पानीगांव)
मुन्नालाल अंगोरिया (उ.मा.वि. पीपलरावां)
अब केवल वार्षिक परीक्षा का इंतजार नहीं, होगी निरंतर समीक्षा
कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने प्राचार्यों को आत्म-मंथन करने की सलाह देते हुए कहा कि शिक्षक अपनी शिक्षण शैली को प्रभावी बनाएं ताकि छात्र स्वयं सीखने के लिए उत्सुक रहें। आगामी सत्र के लिए रणनीति साझा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया:
"अब केवल वार्षिक परीक्षा का इंतजार नहीं किया जाएगा। इस सत्र में त्रैमासिक, अर्धवार्षिक एवं प्री-बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों की निरंतर समीक्षा होगी। यदि सुधार नहीं दिखा, तो प्राचार्यों और शिक्षकों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।"
उन्होंने निर्देश दिए कि प्री-बोर्ड परीक्षाओं के माध्यम से ही कमजोर छात्रों की पहचान की जाए और उन पर अतिरिक्त मेहनत की जाए। साथ ही छात्रों की कॉपियों की नियमित जांच सुनिश्चित हो।
जर्जर भवनों और विकास कार्यों की भी हुई समीक्षा
बैठक में सिर्फ परीक्षा परिणाम ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई:
भौतिक सत्यापन: विकासखंड स्तर पर पिछले तीन सत्रों (2023-24 से 2025-26) में मिले बजट के विरुद्ध शाला मरम्मत और क्रय सामग्री का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया जाएगा।
जर्जर भवन व अन्य व्यवस्थाएं: जर्जर भवनों में संचालित शालाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था, कर्मचारियों के वेतन/एरियर भुगतान, अपार (APAAR) आईडी, और आधार केंद्रों के संचालन की समीक्षा की गई।
योजनाएं: यूडीआईएसई (UDISE) में स्टूडेंट प्रोग्रेशन, पुस्तक व साइकिल वितरण और सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए।
छात्राओं को मिले कंप्यूटर सेट
सकारात्मक पहल के तहत, बैठक के दौरान टी.ए.सी.सी. लिमिटेड सिरसोदा द्वारा जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) छात्रावासों के लिए कंप्यूटर प्रदान किए गए। इसमें देवास, बागली, टोंकखुर्द, सोनकच्छ और कन्नौद के छात्रावासों को 2-2 कंप्यूटर सेट और खातेगांव छात्रावास को 1 कंप्यूटर सेट कलेक्टर की उपस्थिति में छात्राओं हेतु सौंपा गया।
रिपोर्टर : साजिद पठान
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