जल संरक्षण से बदली टोंकखुर्द क्षेत्र के किसानों की तकदीर
जल संरक्षण से हम आने वाली पीढ़ी के लिए पर्याप्त जल सहेजकर जाएंगे: प्रमुख सचिव उमराव।
जल संरक्षण से बदली टोंकखुर्द क्षेत्र के किसानों की तकदीर; अब घर-घर में खुशहाली, बच्चे बन रहे डॉक्टर-इंजीनियर
देवास "हम अपनी आने वाली पीढ़ी को जमीन भले ही कम देकर जाएं, लेकिन पानी अवश्य देकर जाएं, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा। किसानों ने अपने खेतों में तालाब बनाकर जल संरक्षण का जो अनूठा कार्य किया है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।" यह बात पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने देवास और टोंकखुर्द क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों के भ्रमण के दौरान कही।
प्रमुख सचिव उमराव ने क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर खेत तालाबों (रेवासागर) का गहन निरीक्षण किया और किसानों से सीधा संवाद किया। इस दौरान ग्रामीणों और किसानों ने साफा बांधकर उनका पारंपरिक व अभूतपूर्व स्वागत किया।
'रेवासागर' तालाब का लोकार्पण और सघन दौरा
अपने भ्रमण के दौरान प्रमुख सचिव ने ग्राम निपानिया, छोटा मालसापुरा, कलमा, टोंककला, चिड़ावद, धतुरिया, पाड़ल्या, टोंकखुर्द एवं ग्राम गौरवा का दौरा किया। उन्होंने ग्राम निपानिया में प्रगतिशील किसान पोप सिंह राजपूत के खेत में नवनिर्मित 'रेवासागर' तालाब का विधिवत लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम कलमा में महेंद्र सिंह राजपूत के निवास पहुंचकर उनके दिवंगत पिता हुकम सिंह जी को भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
टोंकखुर्द का जल संरक्षण मॉडल देश-विदेश में प्रसिद्ध
ग्राम टोंककला सहित अन्य गांवों में आयोजित ग्राम सभाओं को संबोधित करते हुए उमाकांत उमराव ने किसानों की मेहनत की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा:
"किसानों के इस भागीरथ प्रयास का ही परिणाम है कि आज टोंकखुर्द क्षेत्र का नाम जल संरक्षण के मामले में देश-विदेश में बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। इस क्षेत्र में आकर मुझे हमेशा अपनापन महसूस होता है, ऐसा लगता है मानो मैं अपने घर आ गया हूँ।"
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे इन जल संरचनाओं को सहेजकर रखें और गांव-गांव में 'रेवासागर' जैसे सफल मॉडल को अपनाएं।
जल क्रांति से बदली किसानों की तकदीर
चर्चा के दौरान स्थानीय किसानों ने बताया कि खेतों में तालाब बनने से क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। अब हर घर और हर खेत में भरपूर पानी उपलब्ध है। पानी की उपलब्धता से किसानों की आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आया है।
समृद्धि की नई इबारत: क्षेत्र के अधिकांश किसानों के पास आज ट्रैक्टर और कारें हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में उड़ान: आर्थिक रूप से मजबूत होने के बाद अब किसानों के बच्चे देश के बड़े-बड़े शहरों में डॉक्टर और इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
कार्यक्रम में यह रहे उपस्थित
इस दौरे और ग्राम सभाओं के दौरान पशुपालन विभाग के आला अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. एस.के. गुरोंदिया, डॉ. मोहम्मद अब्बास, पशु प्रजनन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. महेंद्र प्रिय, पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी डॉ. मनोज बालोदिया, डॉ. अरुण मिश्रा, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी गुणावत, रितेश मालवीय, क्षेत्र अधिकारी शेखर रावत, प्रीतम बिलावलिया और हेमंत मंडलोई सहित बड़ी संख्या में गणमान्य कृषक और ग्रामीण जन उपस्थित थे।
रिपोर्टर : साजिद पठान
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