मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यों की समीक्षा: मृत, स्थानांतरित और दोहरे नाम हटाने के निर्देश।
देवास : राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय एवं पंचायत क्षेत्रों में मतदाता सूची वार्षिक पुनरीक्षण 2026 के पर्यवेक्षण हेतु उज्जैन संभाग के लिए नियुक्त प्रेक्षक डी.पी. तिवारी (सेवानिवृत्त IAS) ने देवास और शाजापुर जिले में चल रही पुनरीक्षण कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की। यह समीक्षा बैठक कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई।
बैठक में प्रमुख निर्णय और निर्देश
बैठक के दौरान प्रेक्षक डी.पी. तिवारी ने मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा और स्थानीय निकायों की मतदाता सूचियों में समरूपता (समानता) होना अनिवार्य है। इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाने के निर्देश दिए गए:
मृत मतदाताओं के नाम हटाना: जो मतदाता अब इस दुनिया में नहीं हैं, उनके नाम सूची से पूरी तरह हटाए जाएं।
स्थानांतरित मतदाताओं का सत्यापन: ऐसे मतदाता जो वर्तमान में संबंधित निर्वाचन क्षेत्र को छोड़कर कहीं और रहने लगे हैं, उनका सत्यापन कर नियमानुसार नाम विलोपित (हटाने) की कार्रवाई की जाए।
दोहरे नाम हटाना: एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं के नामों की पहचान कर उन्हें हटाया जाए।
देवास और शाजापुर के अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में दोनों जिलों के निर्वाचन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इनमें मुख्य रूप से:
देवास से अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी शोभाराम सोलंकी, तहसीलदार श्रीमती सपना शर्मा, सहायक अधीक्षक स्थानीय निर्वाचन मनीष श्रीवास्तव।
शाजापुर से उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आलोक वर्मा एवं श्री सुनील तिवारी उपस्थित रहे।
स्थानीय निकाय सूची में 64 हजार मतदाता अधिक
बैठक में अपर कलेक्टर सोलंकी ने प्रतिदिन प्राप्त होने वाले दावा-आपत्ति आवेदनों की जानकारी दी। उन्होंने अवगत कराया कि देवास जिले में विधानसभा और स्थानीय निकायों की मतदाता संख्या में भिन्नता है, जिसमें स्थानीय निकाय की सूची में लगभग 64 हजार मतदाता अधिक दर्ज हैं। प्रेक्षक ने इन सभी विसंगतियों को जल्द से जल्द दूर करने के निर्देश दिए हैं।
रिपोर्टर : साजिद पठान
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