प्रशासन की मुस्तैदी: ग्राम राजोदा में स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास विभाग का संयुक्त निरीक्षण
देवास : ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने और व्यवस्थाओं को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देशानुसार, स्वास्थ्य विभाग और महिला-बाल विकास विभाग के आला अधिकारियों ने ग्राम राजोदा में उप स्वास्थ्य केंद्र एवं आंगनबाड़ी केंद्र का औचक संयुक्त निरीक्षण किया।
इस संयुक्त मोर्चे का नेतृत्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सरोजिनी जेम्स बेक तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी साबिर अहमद सिद्दीकी ने किया।
अधिकारियों ने घर-घर जाकर परखी जमीनी हकीकत
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केवल केंद्रों का मुआयना ही नहीं किया, बल्कि सीधे हितग्राहियों के घरों तक पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर जाकर निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की और कार्यकर्ताओं के कार्यों का सत्यापन किया:
शिशु देखभाल: नवजात शिशुओं की गृह आधारित देखभाल (HBNC) और 3 माह से 15 माह तक के बच्चों की देखभाल (HBYC) की स्थिति जानी।
कुपोषण पर नजर: क्षेत्र के गंभीर कुपोषित (SAM) तथा मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों की वर्तमान सेहत और उन्हें मिल रहे पोषण की जानकारी ली।
अधिकारियों द्वारा दिए गए कड़े दिशा-निर्देश
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ. बेक और कार्यक्रम अधिकारी सिद्दीकी ने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, एएनएम (ANM) एवं कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) को बैठक लेकर सख्त निर्देश दिए:
1. शत-प्रतिशत और समय पर पंजीयन: सभी गर्भवती महिलाओं का पंजीयन गर्भावस्था के प्रथम त्रैमास (पहले तीन महीने) में अनिवार्य रूप से किया जाए।
2. प्रसव पूर्व जांचें: प्रसव से पहले होने वाली सभी आवश्यक चिकित्सकीय जांचें समय पर पूरी हों।
3. 'हाई रिस्क' पर विशेष ध्यान: हाई रिस्क (जोखिम वाली) गर्भवती महिलाओं की विशेष डॉक्टरी जांच और परामर्श सुनिश्चित किया जाए, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके।
4. पोषण परामर्श: गर्भवती महिलाओं को पोषण संबंधी सलाह और जागरूक करने का काम लगातार जारी रहे।
हितग्राहियों तक पहुंचे योजना का लाभ
अधिकारियों ने अंत में निर्देशित किया कि शासन द्वारा चलाई जा रही टीकाकरण और पोषण संबंधी सभी योजनाओं की जानकारी और लाभ प्रत्येक हितग्राही तक प्रभावी ढंग से पहुँचना चाहिए। इस निरीक्षण से स्थानीय अमले में हड़कंप के साथ-साथ व्यवस्थाओं में सुधार की नई उम्मीद जागी है।
रिपोर्टर : साजिद पठान
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