देशभक्ति और जनसेवा की मिसाल: सउनि मुकेश राजपुरोहित को पुलिस अधीक्षक ने किया सम्मानित

देवास : शाजापुर पुलिस विभाग में अपनी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठता और मिलनसार व्यवहार से हर दिल पर अमिट छाप छोड़ने वाले सहायक उप निरीक्षक (सउनि) मुकेश राजपुरोहित 30 जून 2026 को अपनी लंबी और गौरवशाली सेवाओं के बाद सेवानिवृत्त हो गए। उनके सेवानिवृत्ति कार्यक्रम को शाजापुर पुलिस विभाग और नगरवासियों ने बेहद भव्य और यादगार बना दिया।

​पुलिस कप्तान ने किया शाल-श्रीफल से सम्मान। 

विदाई समारोह के मुख्य पड़ाव में पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत द्वारा सउनि मुकेश राजपुरोहित की उत्कृष्ट सेवाओं की सराहना की गई। पुलिस अधीक्षक ने उन्हें शाल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न (शील्ड) भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उनके साथ बिताए गए सेवाकाल को याद करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई।

​बग्घी में बिठाकर निकाला भव्य काफिला

​विदाई के इस भावुक क्षण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रक्षित निरीक्षक और एसडीओपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने  राजपुरोहित को ससम्मान बग्घी में बिठाया। इसके बाद शुरू हुआ एक विशाल और भव्य वाहनों का काफिला, जो शाजापुर की सड़कों से गुजरते हुए राजराजेश्वरी रोडेश्वरी माता जी के मंदिर पहुंचा। इस विदाई यात्रा में पुलिस महकमे के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ शाजापुर के कई गणमान्य नागरिक, प्रतिष्ठित उद्योगपति और उनके मित्रगण बड़ी संख्या में शामिल हुए। माता जी के मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ इस भव्य काफिले का समापन हुआ। ​1987 से शुरू हुआ था सफर,हर थाने पर छोड़ी देशभक्ति की छाप ​सउनि मुकेश राजपुरोहित का पुलिस सेवा का सफर वर्ष 1987 में शाजापुर जिले में आरक्षक (कांस्टेबल) के पद से शुरू हुआ था। अपने लगभग 39 वर्षों के सेवाकाल के दौरान उन्होंने ​थाना शाजापुर,शुजालपुर,बड़ौद, सुंदरसी,मो.बड़ोदिया। ​यातायात विभाग और महिला थाना शाजापुर में विभिन्न पदों पर रहते हुए उत्कृष्ट कार्य किया।
​इसके बाद देवास जिले के थाना टोंकखुर्द में 2 वर्ष 8 माह तक सहायक उप निरीक्षक (सउनि) के पद पर अपनी सेवाएं दीं।

​"देशभक्ति-जनसेवा" का जीवंत उदाहरण

 राजपुरोहित की कार्यकुशलता और मिलनसार स्वभाव ने हर आम और खास को प्रभावित किया। टोंकखुर्द सहित वे जिस भी थाने में पदस्थ रहे, वहां उन्होंने पुलिस की छवि को जनता के बीच बेहद मजबूत किया और "देशभक्ति-जनसेवा" के मूलमंत्र को चरितार्थ किया। उनकी इसी लोकप्रियता का परिणाम था कि उनकी विदाई पर पूरा शहर उमड़ पड़ा।

रिपोर्टर - साजिद पठान

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