बसंत पंचमी पर भोजशाला में सर्व हिंदू समाज पूरे दिनअखंड पूजा अर्चना आरती और हवन निर्विघ्न संपन्न करे
धार : फूलमाली समाज उत्थान समिति एवं महर्षि वाल्मीकि समाज ने कलेक्टर से की मांग , सौंपा ज्ञापन जिलाधीश महोदय, एवं जिला पुलिस अधिक्षक महोदय को ज्ञापन सौंपा गया जिसमें धार नगर में दिनांक 23 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को बसंत पंचमी पर माँ सरस्वती जन्मोत्सव को निर्विघ्न संम्पन्न करवाने की मांग की गई ।ज्ञापन में कहा गया कि
1) कि मध्यप्रदेश के धार जिले के धार नगर मे राजा भोज की धारनगरी में माँ सरस्वती की उपासना के लिये एक विशाल भवन शारदा सदन, सरस्वती कण्ठाभारण का निर्माण राजा भोज ने अपनी देखरेख में करवाया था, जो आज भोजशाला के नाम से विश्व विख्यात है। सन् 1034 में चालीस दिवसीय सरस्वती जन्मोत्सव के साथ ही मों सरस्वती (वाग्देवी) की स्फटिक से निर्मित सुंदरव सौम्य मुद्रा वाली प्रतिमा बनवाकर उसकी प्राणप्रतिष्ठा की। तब से इस भोजशाला में मॉ सरस्वती की साधना व आराधना सतत चलती रही है। सन् 1904 में भोजशाला की गौरवशाली, एतिहासिक एंव धार्मिक पृष्ठभूमि के कारण तत्कालिक अग्रेंज शासन ने इसे राष्ट्र की सरंक्षित धरोहर माना। सन् 1952 में इसे भारत सरकार के पुरातत्व विभाग ने संरक्षित इमारत घोषित किया है।
2) यह कि हिन्दु समाज के संघर्ष व भावनाओ को देखते हुए केन्द्रीय पुरातत्व विभाग दिल्ली के द्वारा 7 अप्रैल 2003 को आदेशा पारित कर हिन्दुओ के लिये प्रति मंगलवार एवं बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक पुरे दिन के लिए पूजा अर्चना हेतु हिन्दुओ को अधिकार प्रदान किये गये। उक्त आदेश की मूल भावना का आधार हिन्दु समाज की भावना एंव परम्परा के अनुसार तिथि का धार्मिक महत्व है। उसी को आधार मानते हुए बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक पुरे दिन के लिये पूजा अर्चना का अधिकार प्रदान किया गया है।
3) यह कि दिनांक 7 अप्रैल 2003 के आदेश की मूल भावना का पालन शासन, प्रशासन के द्वारा वर्ष 2006, 2013 व 2016 में नही करवाने की स्थिति में हिन्दु समाज अपमानित व प्रताड़ित हुआ है। साथ ही स्थानीय प्रशासन के द्वारा आदेश की मूल भावना का पालन नहीं करवाने पर पूरे क्षेत्र की कानून व्यवस्था बिगड़ी है और जन धन की क्षति हुई है।
सम्पूर्ण हिन्दु समाज बसंत पंचमी को निर्बाध पुरे दिन पुजा, आराधना, यज्ञ, हवन करने हेतु दृढ संकल्पित है।
अतः आपसे निवेदन है कि आप क्षेत्र के सम्पूर्ण हिन्दु समाज की ओर से इस ज्ञापन के द्वारा जो मांग की जा रही है, उस अनुसार आदेश दिनांक 07.04.2003 की मुल भावना जिसमे बसंत पंचमी की तिथि के दिन सम्पूर्ण हिन्दु समाज को सूर्योदय से सूर्यास्त तक पुजा अर्चना का अधिकार देता है, उस पुजा के अधिकार का शासन के माध्यम से पालन करवाया जान सुनिश्चित हो, माँ की अखण्ड पुजा हो ऐसी मांग करता है। उक्त व्यवस्था निर्मित होने पर धार की शांती एवं सुरक्षा बनी रहेगी और हिन्दु समाज की धार्मिक मान्यता पुरी होगी और किसी अन्य धार्मिक परम्परा की हानि नहीं होगी। हिन्दु समाज अपनी माँ का जन्मोत्सव निर्विघ्न मनाने हेतु कटिबद्ध है
इस दौरान
फूलमाली समाज उत्थान समिति मध्य प्रदेश के जिला अध्यक्ष हेमंत जी देवड़ा, सकल पंच फूलमाली समाज अध्यक्ष माणकचंद जी पटेल, पूर्व समाज अध्यक्ष मोतीलाल जी रत्नागर (भूतपूर्व सैनिक) कैलाश जी परमार, समाज उपाध्यक्ष हीरा मौर्य, राजेश पटेल, विनोद परमार जितेंद्र पटेल, योगेंद्र (योग) देवड़ा, दीपक देवड़ा, छगन जी परमार,आदि उपस्थित थे ज्ञापन का वचन समाज कोषाध्यक्ष अनिल गेहलोद द्वारा कियागया
महर्षि वाल्मीकि समाज जिला अध्यक्ष श्री रमेश चंद्र जी खोड़े
श्री श्याम लाल जी खोड़े
श्री अनोख जी खोड़े
श्री शंकर जी खोड़े
विपिन खरे
संयम खोड़े उपस्थित रहे
श्री जितेंद्र जी खोड़े ने ज्ञापन का वाचन किया
सहित हिंदू समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
प्रति
श्रीमान प्रधानमंत्री महोदय भारत सरकार प्रधानमंत्री कार्यालय नई दिल्ली
श्रीमान गृहमंत्री महोदय भारत सरकार गृह मंत्रालय कार्यालय नई दिल्ली
श्रीमान केंद्रीय संस्कृति मंत्री महोदय संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली
श्रीमान निदेशक महोदय केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण नई दिल्ली
उक्त जानकारी भोज उत्सव समिति के मीडिया प्रमुख मोहन राठौर ने दी
रिपोर्टर : अशोक मिरदवाल

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