भोजशाला मां वाग्देवी सरस्वती मंदिर बसंत पंचमी पर अखंड पूजा होगी दुनिया की कोई ताकत अब हमसे यह नहीं छीन सकती
धार : आज दिनांक १३ .०१.२०२६ मंगलवार को सत्याग्रह स्थल मां वाग्देवी मंदिर भोजशालाक्रांतिकारी संत डॉ. अवधेश पुरी जी महाराज पीठाधीश्वर स्वास्तिक पीठ उज्जैन ने बसंत पंचमी 23 जनवरी 2026 को सूर्योदय से सूर्यास्त तक भोजशाला में हिंदू समाज के साथ मिलकरअखंड पूजा अर्चना
हवन निर्विघ्न किया जाएगा महाराज जी ने हिंदू समाज को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म की जय कभी कायरों से नहीं हुई है धर्म की जय हमेशा वीरो योद्धाओं और बलिदानों के द्वारा होती है धार में भी ऐसे बलिदानी हुए हैं जिन्होंने धर्म के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है हम भी उन बलिदानियो में से हैं जो अब अपने धर्म अपनी भोजशाला मां वाग्देवी के लिए प्राणों का बलिदान भी कर सकते हैं भारत भूमि ऋषि मुनि संतों की रही है मुझे बहुत प्रसन्नता है आप अपने गौरव एवं इतिहास के लिए संघर्ष कर रहे हैं मैं आपको कहना चाहता हूं कि स्वाधीनता की राह फूलों से सज नहीं पाती स्वाधीनता की राह बलिदान चाहती है ऐसे ही किसी को कभी आजादी नहीं मिलती ऐसे ही हम मां सरस्वती (मां वाग्देवी)को लाने के लिए अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ेगा हमको किसी मंजिल तक पहुंचाना पड़ता है तो धैर्य की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है और अब हमारा धैर्य की सीमा समाप्त हो चुकी है इतिहास साक्षी है कि हिंदू समाज ने अनेकों प्रकार के संकटों को सहन किया है अनेक प्रकार के कष्टों को सहा है हिंदू धर्म में अनेकों प्रकार की कुरुतीया आई है जो कि हमारे यहां नहीं थी भारत को सोने की चिड़िया कहा जाने लगा पर जैसे ही विदेशी आक्रांताओं की नजर हमारे ऊपर पड़ी ईसा पूर्व 650 ई स से अब तक अनेक प्रकार के संघर्ष इस भारत भूमि हिंदू समाज ने देखे हैं हमारे यहां जाति प्रथा नहीं थी हमारे यहां वर्ण व्यवस्था थी उसी आधार पर सनातन धर्म की संरचना की गई और वर्षों तक चलता रहा लेकिन विदेशी आक्रांताओं के कारण हमारे यहां जाति व्यवस्था आई अब हमको जाति व्यवस्था खत्म कर के हिंदू हिंदू भाई है मानना पड़ेगा हम सब सनातनी है जब-जब समाज में संत आते हैं तो समाज एक होता है अब हमें भी जाति-पाति छोड़कर हिंदू सनातनी बनना होगा तो ही हम संघर्ष से परे होंगे
महाराज जी ने हिंदू समाज को आगे बताया कि अब वह दिन दूर नहीं जब यह हमारी भोजशाला पर लगा कलंक मिटा देंगे मां सरस्वती का मंदिर था मंदिर है और मंदिर भविष्य में भी सरस्वती का मंदिर रहेगा हम हिंदू समाज सब मिलकर अखंड पूजा करेंगे दुनिया की कोई ताकत अब हमसे या छीन नहीं सकती सभी जगह हमारे आराध्य देवी देवताओं के भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है अब बस इंतजार खत्म मथुरा और धार की बारी है यहां पर भी भव्यता से देवी सरस्वती माता विराजित होगी
अबकी बार ऐसा लगता है कि सरकार हिंदू समाज के हित में 23 तारीख बसंत पंचमी से पहले ऐसा आदेश निकाल देती है कि हिंदू समाज को संघर्ष नहीं करना पड़ेगा और हिंदू समाज यहां आकर हर दिन पूजा अर्चना करेगा यह हमारी गरिमा होगी इसको सरकार को ध्यान में रखना चाहिए और अति शीघ्र ऐसा निर्णय हिंदू समाज के पक्ष में देना चाहिए
उज्जैन से पधारे महाराज जी के साथ उज्जैन से पधारी दीदी डॉक्टर विद्याश्री पुरी ज्योतिष आचार्य भोजशाला के सत्याग्रह में सम्मिलित हुई सत्याग्रह की शुरुआत में महाराज जी ने विशाल समुदाय व मातृशक्ति को देखते हुए महाराजा भोज मां वाग्देवी मां सरस्वती के जयकारों का उद्घोष भी किया बसंत पंचमी के पूर्व होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा एवं गुरुओं का परिचय श्री राजेश शुक्ला जी ने दिया गोपाल शर्मा जी ने उज्जैन से आए महाराज जी के विषय में कुछ बातें भी बताई महाराजा भोज ने तीन भोजशाला बनवाई थी एक धार में एक मांडव में एक उज्जैन में उज्जैन की भोजशाला को वहां पर भी धार जैसी नमाज होती थी जैसे हमने धार में आंदोलन चलाया है वैसे ही महाराज जी के नेतृत्व में हिंदू समाज ने आंदोलन कर उसे भोज शाला में प्रवेश किया और वहां भी चेतना जागृत की ।
संयोजक गोपाल शर्मा जी भोजशाला मुक्ति यज्ञ ने क्रांतिकारी संत डॉ. अवधेश पुरी जी महाराज पीठाधीश्वर स्वास्तिक पीठ उज्जैन को भोजशाल के गौरव शाली अतीत से परिचय एवं दर्शन कराए एवं समिति के पदाधिकारी अध्यक्ष सुरेश चंद्र जलोदिया महामंत्री सुमित चौधरी संरक्षक अशोक जैन महाप्रबंधक हेमंत जी दोराया निखिल जोशी शिरीष दुबे चेतन शर्मा केशव शर्मा सत्याग्रह प्रमुख बडूजी भाभ र एवं रवि जी सिकरवार ने शाल श्री फल से सम्मानित किया उक्त जानकारी मीडिया प्रमुख मोहन राठौर ने दी
रिपोर्टर : अशोक मिरदवाल

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