धनबाद का मुनीडीह दहला: CPP प्लांट में सिलेंडर ब्लास्ट, 3 मजदूरों की मौत!
कोयलांचल की धरती धनबाद आज एक जोरदार धमाके से कांप उठी। मुनीडीह स्थित सीपीपी (CPP) प्लांट में हुए एक भीषण विस्फोट ने तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए हैं। धमाका इतना भयावह था कि उसकी गूंज ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। इस हादसे में न सिर्फ मजदूरों की जान गई, बल्कि देश की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवान भी लहूलुहान हो गए। आखिर आधी रात को वहां क्या हो रहा था? क्यों एक घायल अस्पताल से रफूचक्कर हो गया? और क्या यह सिर्फ हादसा है या कोई गहरा साजिशी खेल? आइए जानते हैं इस दर्दनाक हादसे की पूरी हकीकत!
धनबाद के मुनीडीह क्षेत्र में स्थित सीपीपी प्लांट में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक जोरदार धमाके ने सन्नाटे को चीर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब प्लांट के भीतर गैस सिलेंडर का उपयोग कर लोहा काटने (Gas Cutting) का काम चल रहा था। तभी अचानक सिलेंडर फट गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि वहां मौजूद लोग हवा में उछल गए। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, ड्यूटी पर तैनात तीन CISF जवान समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर उनकी शिनाख्त की है। जान गंवाने वालों में शामिल हैं:
आनंद कुमार
संजय यादव (निवासी: केंदुआडीह, 5 नंबर)
अजहरुद्दीन
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने इस मामले में एक नया खुलासा करते हुए बताया कि रात के वक्त अंसारी नाम का एक शख्स इन सभी को काम के बहाने लेकर गया था। ये सभी वहां लोहा काटने का काम कर रहे थे, तभी यह काल बनकर आए सिलेंडर ब्लास्ट ने इनकी जान ले ली।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि SNMMCH अस्पताल में इलाज के दौरान एक घायल व्यक्ति अचानक फरार हो गया। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी के बीच एक घायल का भाग जाना इस घटना के पीछे किसी बड़े अवैध खेल की ओर इशारा कर रहा है। आखिर वो शख्स कौन था और क्या छिपाने के लिए वहां से भागा? वहीं, एक अन्य गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स (RIMS) रेफर किया गया है, जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
केंदुआडीह थाना प्रभारी वकार हुसैन ने आधिकारिक तौर पर तीन मौतों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ के तीन जवान भी इस दुर्घटना में जख्मी हुए हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी सीआईएसएफ (CISF) की ओर से अभी तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस का कहना है कि वे सीआईएसएफ की शिकायत का इंतजार कर रहे हैं ताकि औपचारिक FIR दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया जा सके। प्लांट के भीतर रात के अंधेरे में लोहा काटने का काम किसके आदेश पर हो रहा था? क्या यह अवैध स्क्रैप का धंधा था? इन सवालों के जवाब मिलने अभी बाकी हैं।
धनबाद में हुआ यह हादसा कई गंभीर सवाल छोड़ गया है। क्या सीपीपी प्लांट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई? आखिर क्यों रात के अंधेरे में वहां काम चल रहा था? पुलिस की जांच और सीआईएसएफ की चुप्पी के बीच जनता इंसाफ का इंतजार कर रही है। क्या दोषियों पर गाज गिरेगी या इस धमाके की गूंज भी फाइलों में दबकर रह जाएगी?


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