स्थानीय रोजगार की मांग पर घनुडीह में हंगामा, झाकोमयू के प्रदर्शन से कंपनी का काम ठप; वार्ता के बाद शुरू
धनबाद : धनबाद जिले के घनुडीह में स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग को लेकर बुधवार को झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन (झाकोमयू) ने MNSR Trading Company (सिंह नेचुरल) के खिलाफ प्रदर्शन किया। एरिया उपाध्यक्ष साधु चौहान उर्फ रमाकांत चौहान के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान यूनियन ने स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग उठाई। विरोध के बीच कंपनी का कामकाज ठप हो गया और दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रदर्शन के दौरान यूनियन की ओर से कंपनी से जुड़े लोगों पर मारपीट करने और संगठन का झंडा फेंकने का आरोप लगाया गया। इसी दौरान पत्थरबाजी होने की भी बात सामने आई, जिसमें कई लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। यूनियन नेताओं के अनुसार, एक युवक राजू कुमार का हाथ टूट गया, जबकि एक महिला को भी चोट लगी। मारपीट के दौरान वाहन और बाइक को नुकसान पहुंचने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
घटना की सूचना मिलने पर घनुडीह ओपी, तीसरा और झरिया थाना की पुलिस के साथ सीआईएसएफ के जवान मौके पर पहुंचे। पुलिस और सुरक्षा बलों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद झाकोमयू की जोनल समिति के अध्यक्ष उमाशंकर चौहान और कंपनी के लाइजनिंग ऑफिसर शिवप्रकाश सिंह के बीच वार्ता हुई। वार्ता के बाद कंपनी का कामकाज दोबारा शुरू होने की जानकारी दी गई। स्थानीय बेरोजगारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं : उमाशंकर चौहान झाकोमयू की जोनल समिति के अध्यक्ष उमाशंकर चौहान ने आरोप लगाया कि यूनियन के सदस्य शांतिपूर्ण तरीके से स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग लेकर पहुंचे थे, लेकिन कंपनी से जुड़े लोगों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यूनियन का झंडा फेंकने और महिलाओं के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया। चौहान ने कहा कि स्थानीय रोजगार के मुद्दे पर कई बार वार्ता होने के बावजूद कंपनी प्रबंधन की ओर से ठोस पहल नहीं की गई है। उनका कहना है कि परियोजना क्षेत्र में बाहरी कंपनियां काम कर रही हैं, जबकि स्थानीय युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि स्थानीय बेरोजगारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आरोप बेबुनियाद : शिवप्रकाश सिंह दूसरी ओर, MNSR Trading Company के लाइजनिंग ऑफिसर शिवप्रकाश सिंह ने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट किए जाने के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी स्थानीय लोगों को साथ लेकर काम करना चाहती है और सभी को अपनी मांग रखने का अधिकार है। फिलहाल, इस घटना ने घनुडीह में स्थानीय रोजगार के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि वार्ता के बाद स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग पर क्या ठोस निर्णय लिया जाता है और घटना में घायल लोगों के मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
रिपोर्टर : सिंधु कुमार

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