गौरवशाली हिंदुत्व का प्रतीक मां सरस्वती मंदिर भोजशाला
धार : भारत तिब्बत समन्वय संघ के केंद्रीय संयोजक हेमेंद्र प्रताप सिंह तोमर एवं संघ के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय सदस्यों सहित आज भोजशाला के इतिहास एवं वर्तमान स्थिति से अवगत हुए ।
भोजशाला परिसर मां वाग्देवी मंदिर पहुंचने पर भारत तिब्बत समन्वय संघ को भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा जी ने शिलालेखों पर अंकित देवी देवताओं के स्वरूप से अवगत कराया।
एवं वस्तुतः स्थिति से स्पष्ट किया की मंदिरों में ही ऐसी आकृतियो का निर्माण होता है ना की मस्जिद में भोजशाला मां सरस्वती मंदिर देखने के बाद भारत तिब्बत समन्वय संघ के केंद्रीय संयोजक हेमेंद्र प्रताप सिंह तोमर ने कहां की आज सभी साथियों के साथ धार स्थित भोजशाला आया हूं महाराजा भोज ने सरस्वती मंदिर का निर्माण करवाया था यह मंदिर नहीं एक बहुत बड़ा परिसर था हमें इस बात पर गर्व करना चाहिए दुनिया का एकमात्र देश भारत देश ही हिंदू देश भारत है भारत धर्म का देश है इस धर्म के देश में हम महागुरु विश्व गुरु क्यों कहलाए थे इस बात का चिंतन करना चाहिए क्योंकि हमारे पास मां सरस्वती है सुख वैभव धन से परिपूर्ण थे हम लेकिन मां सरस्वती की वजह से ही विश्व गुरु थे हमने आज भोजशाला परिसर का पूर्ण निरीक्षण किया मन अवसाद से भरा हुआ है मैं पीड़ा में हूं क्षुब्ध हूं और इस नाते पूरे विश्वास से कह सकता हूं कि जिस तंत्र को इस मंदिर की स्थापना कर देनी थी वह बहुत विलंब कर चुका है इसलिए हिंदू समाज को आगे आना है और बहुत शीघ्र यहां पर जो मां की मूर्ति (वाग्देवी) थी उसे पूर्ण वापस लाकर के पूर्ण स्थापित करना है इससे पहले इस बात के लिए व्यवस्था भी बने जैसे ही मां की मूर्ति लाई जावे उससे पहले अखंड पूजा प्रारंभ हो क्योंकि वह समूचा परिसर मंदिर परिसर है और उसके बाहर बनी हुई मजारे हमको चुनौती देती है वह सारी नकली मजारे वहां से हटाई जाए।
तोमर जी ने हिंदू समाज से अनुरोध किया कि २३जनवरी बसंत पंचमी के पावन अवसर पर अखण्ड पूजा अर्चना आरती एवं हवन हो ओर मां वाग्देवी की मूर्ति की पूर्ण स्थापना हो।
संघ इस भोजशाला एवं हिंदू समाज के साथ तन मन धन से समर्पित रहेगा साथ देगा इस विश्वास से मैं यहां वचन देकर जा रहा हूं। भोजशाला परिसर से बाहर आने पर हेमेंद्र प्रताप सिंह तोमर जी ने हिंदू समाज से कहां की हम सारे हिंदू समाज प्रत्यक्ष आंखों से देखकर आए हैं की मां (वाग्देवी)सरस्वती का मंदिर है और उस मां सरस्वती को साक्षी मानकर उनका संकल्पित करने का कार्य कर रहे हैं क्योंकि मां सरस्वती यहां पर विराजित है हम उनसे प्रार्थना कर रहे हैं कि एक मिशन और बहुत बड़ा है देवों के देव महादेव कैलाश मानसरोवर जो की चीन के चंगुल में है उनकी मुक्ति के लिए कार्य कर रहे हैं आज हम सब सौभाग्यशाली है कि उसे स्थान पर है जहां ज्ञान की देवी जहां संस्कार की देवी विवेक की मां उस मां भगवती स्वरूप सरस्वती के आंगन में खड़े हैं हम उनसे विनती करते हैं मां सरस्वती आप सर्वशक्तिमान है आप देवों के देव महादेव उनके मूल गांव उनके मूल स्थान कैलाश मानसरोवर को दुष्ट चीन के चुगल से मुक्त करें एवं धार की भोजशाला में भी मांवाग्देवी की पूर्ण स्थापना हो।
भारत तिब्बत समन्वय संघ के केंद्रीय संयोजक हेमेंद्र प्रताप सिंह तोमर एवं संघ के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय सदस्यों सहित हिन्दू समाज ने भोजशाला सत्याग्रह स्थित ज्योति मंदिर अखंड ज्योति के भी दर्शन किए
हेमेंद्र प्रताप सिंह तोमर , केंद्रीय संयोजक।के साथ संघ के अन्य सदस्य भी भोजशाला परिसर में सम्मिलित थे
दुर्गा प्रसाद सिंह एडवोकेट, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य युवा।
शोनाली चतुर्वेदी , राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला विभाग।
मदन अम्बेडकर युवा विभाग।
शिवेंद्र तिवारी प्रान्त अध्यक्ष (मालवा प्रान्त)
विवेक नाथ त्रिपाठी, शोध प्रभाग, राष्ट्रीय राष्ट्रीयअम्बेडकर यूनिवर्सिटी।
बलराज प्रान्त महामंत्री।
आलोक मिश्रा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष। निर्माण सोलंकी ,राष्ट्रीय मंत्री
राजा भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। जानकारी समिति मीडिया प्रमुख मोहन राठौर ने दी
हिंदू अपने पुरुषार्थ एवं सामर्थ के बल पर भोजशाला को अवश्य मुक्त कराएगा।
रिपोर्टर : अशोक मिरदवाल

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