Sawan 2026 Tithi: सावन में जलाभिषेक के लिए ये 7 दिन बेहद खास, नोट करें श्रावण माह की प्रमुख तिथियां
हिंदू धर्म में सावन (श्रावण) का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है. इस पूरे माह में शिव भक्त व्रत, पूजा, रुद्राभिषेक और जलाभिषेक कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. मान्यता है कि सावन में शिवलिंग पर जल अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है. साल 2026 के सावन माह में कई ऐसे विशेष पर्व और शुभ संयोग बन रहे हैं, जिन पर जलाभिषेक का विशेष महत्व रहेगा. आइए जानते हैं सावन 2026 की प्रमुख तिथियां और उनका धार्मिक महत्व.
सावन सोमवार 2026
साल 2026 में सावन के चार सोमवार पड़ेंगे, जो भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे शुभ माने जाते हैं. ये तिथियां हैं—
3 अगस्त 2026
10 अगस्त 2026
17 अगस्त 2026
24 अगस्त 2026
सावन सोमवार के दिन व्रत रखने के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक करना अत्यंत लाभदायक माना जाता है. मान्यता है कि इससे शिव कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि आती है.
सोम प्रदोष व्रत – 10 अगस्त 2026
सावन माह में 10 अगस्त 2026 को सोम प्रदोष व्रत रहेगा. इस दिन दूसरा सावन सोमवार और प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग बन रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस विशेष अवसर पर भगवान शिव का जलाभिषेक करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है. इस दिन की गई पूजा से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है.
सावन शिवरात्रि – 11 अगस्त 2026
सावन शिवरात्रि 11 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी. इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक और विधि-विधान से पूजा करने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनाए रखने के लिए इस दिन किया गया जलाभिषेक अचूक फल प्रदान करता है.
हरियाली तीज – 15 अगस्त 2026
सावन में हरियाली तीज 15 अगस्त 2026 को रहेगी। यह पर्व माता पार्वती की भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए की गई कठिन तपस्या का प्रतीक माना जाता है. इस दिन भगवान शिव पर जल अर्पित करने से अविवाहित लोगों को सुयोग्य जीवनसाथी मिलने का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
नाग पंचमी – 17 अगस्त 2026
सावन माह में नाग पंचमी 17 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान शिव की प्रतिमा या शिवलिंग पर विराजमान नाग देवता की विशेष पूजा-अर्चना करनी चाहिए. धार्मिक मान्यता है कि इससे भय दूर होता है और सर्पदंश का संकट नहीं रहता.
भौम प्रदोष व्रत – 25 अगस्त 2026
सावन माह में 25 अगस्त 2026 को भौम प्रदोष व्रत रखा जाएगा. इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा और जलाभिषेक करने से भक्तों को शुभ फल की प्राप्ति होती है तथा जीवन की विभिन्न परेशानियों से मुक्ति मिलने की मान्यता है.
सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन – 28 अगस्त 2026
सावन पूर्णिमा 28 अगस्त 2026 को होगी और इसी दिन रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा. यह सावन माह का अंतिम दिन होगा. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक और साधना करने से शिव कृपा के साथ-साथ मां लक्ष्मी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य का वास होता है.
सावन 2026 में भगवान शिव की आराधना के लिए कई विशेष तिथियां पड़ रही हैं. चार सावन सोमवार, सोम प्रदोष व्रत, सावन शिवरात्रि, हरियाली तीज, नाग पंचमी, भौम प्रदोष व्रत और सावन पूर्णिमा जैसे शुभ अवसरों पर श्रद्धा और विधि-विधान से जलाभिषेक करने का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है. ऐसी मान्यता है कि इन पावन दिनों में भगवान शिव की उपासना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है, योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है.
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