12 साल में मोदी सरकार के कौन से मंत्रालय बदले सबसे ज्यादा मंत्री? आंकड़े कर देंगे हैरान
NEET-UG 2026 परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को सौंप दी गई है। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मोदी सरकार के कार्यकाल में विरोध के बाद हुए बड़े इस्तीफों में शामिल हो गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में कौन से मंत्रालय ऐसे रहे जहां सबसे ज्यादा बदलाव हुए और कौन से मंत्रालय ऐसे हैं जहां एक ही चेहरा लगातार जिम्मेदारी संभालता रहा? देखिए इस खास रिपोर्ट में पूरी जानकारी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच यह फैसला सामने आया। धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा करते हुए अपने इस्तीफे की जानकारी दी। उनके बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दी गई है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मोदी कैबिनेट में किसी बड़े विवाद या विरोध के बाद हुआ अहम बदलाव माना जा रहा है। इससे पहले मीटू कैंपेन के दौरान तत्कालीन केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर के इस्तीफे ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं।
हालांकि मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में कुछ मंत्रालय ऐसे रहे हैं, जहां लगातार बदलाव देखने को मिले हैं। वहीं कुछ मंत्रालय ऐसे भी हैं जहां शुरुआत से ही एक ही चेहरे ने जिम्मेदारी संभाली है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में सबसे ज्यादा बदलाव
मोदी सरकार में सबसे ज्यादा बदलाव सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में देखने को मिला है। साल 2014 से अब तक इस मंत्रालय की जिम्मेदारी सात अलग-अलग मंत्रियों के पास रही है।
2014 में शुरुआत में प्रकाश जावड़ेकर इस मंत्रालय से जुड़े रहे। इसके बाद अरुण जेटली ने 2014 से 2016 तक जिम्मेदारी संभाली। फिर एम. वेंकैया नायडू, स्मृति ईरानी, राज्यवर्धन सिंह राठौर, दोबारा प्रकाश जावड़ेकर और अनुराग ठाकुर इस पद पर रहे। जून 2024 से अश्विनी वैष्णव इस मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
खेल मंत्रालय में भी तेजी से बदले चेहरे
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की तरह खेल मंत्रालय में भी लगातार बदलाव हुए हैं। 2014 के बाद से अब तक सात बार अलग-अलग नेताओं को इस मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा चुकी है।
शिक्षा मंत्रालय में भी कई बदलाव
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय भी उन मंत्रालयों की सूची में शामिल हो गया है जहां बार-बार बदलाव हुआ है।
2014 से अब तक शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी चार मंत्रियों के पास रही थी, लेकिन प्रह्लाद जोशी को अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद यह संख्या पांच हो गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय में कम चेहरे, लेकिन ज्यादा बदलाव
स्वास्थ्य मंत्रालय में मंत्रियों की संख्या कम रही, लेकिन जिम्मेदारी कई बार बदली गई।
डॉ. हर्षवर्धन, जेपी नड्डा, फिर डॉ. हर्षवर्धन, मनसुख मांडविया और दोबारा जेपी नड्डा इस मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। यानी 2014 से अब तक तीन नेताओं के बीच यह मंत्रालय पांच बार बदला है।
कृषि मंत्रालय में भी हुए बदलाव
कृषि मंत्रालय में 2014 से अब तक चार नेताओं को जिम्मेदारी मिल चुकी है। इनमें एक कार्यकाल अतिरिक्त प्रभार के तौर पर भी रहा।
जहां नहीं हुआ कोई बड़ा बदलाव
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय मोदी सरकार का ऐसा मंत्रालय है जहां 2014 के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सरकार बनने के बाद यह जिम्मेदारी नितिन गडकरी को दी थी और वह लगातार तीसरे कार्यकाल में भी इस मंत्रालय को संभाल रहे हैं।
PMO और DoPT मंत्रालय
प्रधानमंत्री कार्यालय और कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन विभाग की जिम्मेदारी डॉ. जितेंद्र सिंह के पास 27 मई 2014 से लगातार बनी हुई है।
परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग भी शुरुआत से उन्हीं के पास हैं।
गृह मंत्रालय
देश के सबसे अहम मंत्रालयों में शामिल गृह मंत्रालय में भी ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। 2014 से अब तक सिर्फ दो नेताओं ने यह जिम्मेदारी संभाली है।
राजनाथ सिंह 2014 से 2019 तक गृह मंत्री रहे, जबकि 2019 से अमित शाह लगातार इस मंत्रालय को संभाल रहे हैं।
विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय में भी सिर्फ एक बार बदलाव हुआ। सुषमा स्वराज 2014 से 2019 तक विदेश मंत्री रहीं, जिसके बाद एस. जयशंकर इस मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
मोदी सरकार के 12 साल के आंकड़ों से साफ है कि कुछ मंत्रालयों में लगातार बदलाव होते रहे हैं, जबकि कुछ मंत्रालयों में स्थिरता बनी रही। सूचना एवं प्रसारण और खेल मंत्रालय सबसे ज्यादा बदलाव वाले मंत्रालयों में रहे, वहीं गृह, विदेश, सड़क परिवहन और PMO जैसे मंत्रालयों में जिम्मेदारी लंबे समय तक एक ही चेहरे के पास रही। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय एक बार फिर उन मंत्रालयों में शामिल हो गया है, जहां बदलाव का सिलसिला जारी रहा है।
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