सपा का ल्यारी राज, न भूले हैं न भूलेंगे।...पोस्टर से गरमा गई सियासत

उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिल्म ‘धुरंधर 2’ को लेकर विवाद तेज हो गया है। फिल्म में माफिया डॉन अतीक अहमद जैसे दिखने वाले किरदार का आईएसआई और आतंकी संगठनों से कनेक्शन दिखाए जाने से सियासत गरमा गई है। साथ ही फिल्म में कराची के कुख्यात इलाके ल्यारी की स्थिति को उत्तर प्रदेश के एक दौर से जोड़कर दिखाने की बात भी सामने आई है, जिससे राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
 
लखनऊ में पोस्टर से बढ़ा विवाद-
 
भारतीय किसान मंच के अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी ने लखनऊ की सड़कों पर पोस्टर लगवाकर इस विवाद को और हवा दे दी है। पोस्टर में लिखा गया “सपा का ल्यारी राज, न भूले हैं न भूलेंगे।” इन पोस्टरों के जरिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के शासनकाल को निशाने पर लिया गया है, जिससे राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और बयानबाजी तेज हो गई है।
 
देवेंद्र तिवारी का हमला-
 
देवेंद्र तिवारी ने कहा कि 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में अपराध चरम पर था और बलात्कार, हत्या व लूट जैसी घटनाएं आम हो गई थीं। उनका आरोप है कि उस समय अतीक अहमद जैसे अपराधियों को खुली छूट मिली हुई थी और प्रदेश की स्थिति कराची के ल्यारी जैसी बन गई थी, जहां अपराध और राजनीति का गठजोड़ हावी रहता है।
 
चुनावी संदेश और राजनीतिक असर-
 
तिवारी ने कहा कि जनता उस दौर को भूली नहीं है और अब ऐसी स्थिति दोबारा नहीं आने देगी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने अपराध पर नियंत्रण किया है और आगे भी जनता सुरक्षित शासन चाहती है। इस पूरे मामले ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जो आगामी चुनावों में बड़ा मुद्दा बन सकती है।

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.