भुवनेश्वर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का मामला, रिटायर्ड नाल्को अधिकारी से 1 करोड़ की ठगी की कोशिश-
भुवनेश्वर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का मामला, रिटायर्ड नाल्को अधिकारी से 1 करोड़ की ठगी की कोशिश-
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नयापल्ली इलाके में रहने वाले नाल्को (NALCO) के एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी और उनकी पत्नी, जो एक रिटायर्ड व्याख्याता हैं, को साइबर अपराधियों ने करीब 35 घंटे तक तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर 1 करोड़ रुपये की उगाही करने की कोशिश की।
पीड़ित दंपती के अनुसार, 9 फरवरी को उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को ‘पटना का पुलिस अधिकारी’ बताया और दावा किया कि एक आतंकवादी, करीम खान, उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग कर रहा है। उसने यह भी कहा कि वे आतंक से जुड़े मामले की जांच के दायरे में हैं और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है।
ठग ने दंपती को घर से बाहर न निकलने और लगातार संपर्क में रहने का निर्देश दिया। गंभीर आरोपों और गिरफ्तारी की धमकी से घबराए बुजुर्ग दंपती लगभग डेढ़ दिन तक घर में ही बंद रहे। आरोप है कि ठग वीडियो कॉल पर पुलिस वर्दी में दिखाई दिया और जम्मू-कश्मीर के एचडीएफसी बैंक में कथित खाते का हवाला देते हुए मामला ‘रफा-दफा’ करने के लिए 1 करोड़ रुपये की मांग की।
डरे हुए दंपती जब रकम ट्रांसफर करने बैंक पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि दिया गया खाता निष्क्रिय है। यहीं से उन्हें शक हुआ। आगे जांच करने पर उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। इसके बाद उन्होंने तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क किया, जिससे बड़ी आर्थिक हानि टल गई।
साइबर पुलिस ने नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ घोटालों से सतर्क रहें। किसी भी अनजान कॉल पर गिरफ्तारी या जांच की धमकी मिलने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें और बिना पुष्टि के कोई भी राशि ट्रांसफर न करें।


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