देर रात डिनर करने की आदत पड़ सकती है भारी, जानिए दिल पर असर
BY-ARSHITA SINGH
आजकल व्यस्त जीवनशैली के कारण कई लोगों का रात का भोजन काफी देर से होता है। कार्यालय का काम, देर रात तक जागना और बदलती दिनचर्या के कारण रात नौ बजे के बाद भोजन करना आम हो गया है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना देर रात भोजन करने की आदत शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी को प्रभावित कर सकती है। इसका असर पाचन, नींद, रक्तचाप और लंबे समय में हृदय की सेहत पर भी पड़ सकता है।
देर रात भोजन करना क्यों हो सकता है नुकसानदायक?

हमारा शरीर एक प्राकृतिक जैविक घड़ी के अनुसार काम करता है। दिन के समय पाचन और ऊर्जा से जुड़ी गतिविधियां अधिक सक्रिय रहती हैं, जबकि रात में शरीर धीरे-धीरे आराम और पुनर्वास की स्थिति में जाने लगता है।
ऐसे में देर रात भारी भोजन करने से पाचन तंत्र को उस समय भी सक्रिय रहना पड़ता है, जब शरीर आराम की तैयारी कर रहा होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, भोजन का समय रक्त शर्करा, इंसुलिन की कार्यप्रणाली और रक्तचाप जैसी कई शारीरिक प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकता है।
क्या देर रात भोजन करने से मस्तिष्काघात का खतरा बढ़ सकता है?
कुछ शोधों में देर से भोजन करने और मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याओं के बीच संबंध देखा गया है। एक अध्ययन में रात नौ बजे के बाद भोजन करने वाले लोगों में पहले भोजन करने वालों की तुलना में मस्तिष्काघात का खतरा अधिक पाया गया।
हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि रात नौ बजे के बाद भोजन करना सीधे तौर पर मस्तिष्काघात का कारण बनता है। ऐसे अध्ययनों में केवल दोनों के बीच संबंध दिखाई देता है। बीमारी का वास्तविक खतरा व्यक्ति की आयु, वजन, रक्तचाप, मधुमेह, शारीरिक गतिविधि और अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारकों पर भी निर्भर करता है।
देर रात भोजन से नींद और पाचन पर भी असर

सोने के बिल्कुल करीब भोजन करने से कुछ लोगों को अम्लता, सीने में जलन, गैस और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बहुत अधिक तला-भुना, मसालेदार या वसायुक्त भोजन इन परेशानियों को और बढ़ा सकता है।
भोजन करने के तुरंत बाद सो जाने से नींद की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। लंबे समय तक खराब नींद रहने पर वजन बढ़ने, रक्तचाप बढ़ने और शरीर की चयापचय संबंधी प्रक्रियाओं में गड़बड़ी का खतरा बढ़ सकता है।
रात का भोजन किस समय करना बेहतर है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संभव हो तो रात का भोजन सोने से लगभग दो से तीन घंटे पहले पूरा कर लेना चाहिए। कई लोगों के लिए शाम सात से आठ बजे के बीच भोजन करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
हालांकि, हर व्यक्ति की दिनचर्या अलग होती है। जिन लोगों के लिए जल्दी भोजन करना संभव नहीं है, वे रात का खाना हल्का रख सकते हैं और भोजन करने के तुरंत बाद सोने से बच सकते हैं।
रात के भोजन में क्या शामिल करें?

रात का भोजन संतुलित और पौष्टिक होना चाहिए। इसमें हरी सब्जियां, दाल, अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ और सीमित मात्रा में साबुत अनाज शामिल किए जा सकते हैं।
वहीं, रात में बहुत अधिक तला हुआ, अत्यधिक वसायुक्त, बहुत मीठा या जरूरत से ज्यादा प्रसंस्कृत भोजन करने से बचना बेहतर हो सकता है।
क्या कभी-कभार देर से भोजन करना भी खतरनाक है?
जरूरी नहीं। कभी-कभार देर से भोजन करना और रोजाना देर रात भारी भोजन करना अलग-अलग परिस्थितियां हैं। स्वास्थ्य पर प्रभाव व्यक्ति की पूरी जीवनशैली, खान-पान, नींद, व्यायाम और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं पर निर्भर करता है।
इसलिए केवल भोजन के समय पर ध्यान देना ही पर्याप्त नहीं है। नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और स्वस्थ वजन बनाए रखना भी हृदय को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
रात में बहुत देर से और भारी भोजन करने की आदत को धीरे-धीरे कम करें। भोजन और सोने के बीच पर्याप्त अंतर रखें। भोजन में सब्जियों, दालों और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दें।
इसके साथ ही नियमित व्यायाम करें, पर्याप्त नींद लें और रक्तचाप तथा रक्त शर्करा को नियंत्रित रखें। यदि पहले से हृदय रोग, उच्च रक्तचाप या मधुमेह जैसी समस्या है, तो भोजन और जीवनशैली में बड़े बदलाव करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना उचित है।
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए केवल यह जानना जरूरी नहीं है कि हम क्या खाते हैं, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण हो सकता है कि हम कब खाते हैं। रात में बहुत देर से और भारी भोजन करने की आदत को कम करना, भोजन के बाद तुरंत न सोना और संतुलित आहार लेना स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा हो सकता है।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। यह चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है।
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