शख्स के दांत देखते ही भाग जाती थी लड़कियां, कहती थीं छी-छी, आज डेट करने के लिए करती है पीछा!

ब्रिटेन के हेलिफैक्स शहर में रहने वाले 35 वर्षीय जॉनाथन प्रैट अपनी ज़िंदगी अकेले ही संभाल रहे हैं। वे एक सिंगल फुल-टाइम पिता हैं और उनके दो बच्चे हैं 11 साल का लॉरेंस और 9 साल की लूसियाना।जॉनाथन को बचपन से ही दांतों की गंभीर समस्या रही है। उनके दांतों की हालत इतनी खराब थी कि कई बार वे दिनों तक ठीक से खाना तक नहीं खा पाते थे। दांतों का दर्द असहनीय हो जाता था, बोलने में परेशानी होती थी और मुस्कुराना तो जैसे उनकी ज़िंदगी से गायब ही हो गया था।

स्कूल के दिनों में साथी बच्चे उनका मज़ाक उड़ाते थे, जिससे उनका आत्मविश्वास और भी टूट गया। यही वजह थी कि वे बाहर निकलने से कतराते थे और सामाजिक जीवन से दूर रहने लगे थे।लेकिन अब जॉनाथन की कहानी ने एक नया मोड़ ले लिया है। उन्होंने अपने ज़बरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन की कहानी साझा की है। आज उनके दांत मोतियों की तरह चमकते हैं और उनकी मुस्कान उनकी नई पहचान बन चुकी है। यह बदलाव सिर्फ उनके चेहरे पर नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और ज़िंदगी के नज़रिए में भी साफ दिखाई देता है।

परेशानी और तानों में बीता बचपन

जॉनाथन का बचपन आसान नहीं रहा। स्कूल के दिनों में बच्चे उन्हें चिढ़ाने के लिए “हॉर्स माउथ” कहकर बुलाते थे। कोई मज़ाक उड़ाते हुए कहता कि वह सेब को हाथ से नहीं, बल्कि टेनिस रैकेट से खा सकते हैं। ये ताने सिर्फ बचपन तक सीमित नहीं रहे, बल्कि बड़े होने के बाद भी उनका पीछा करते रहे।

जैसे-जैसे उम्र बढ़ी, दांतों की वजह से उनका आत्मविश्वास पूरी तरह टूटता चला गया। जब उन्होंने डेटिंग की कोशिश की, तो कई बार उन्हें सीधे इनकार झेलना पड़ा। कुछ लड़कियों ने बिना किसी झिझक के कह दिया “तुम्हारे दांत बहुत खराब हैं, मैं तुम्हारे साथ दिखना नहीं चाहती,” तो किसी ने यहां तक कह दिया कि “मैं तुम्हारे साथ कभी नहीं दिखूंगी, चाहे हालात जैसे भी हों।”

इन अनुभवों ने जॉनाथन को अंदर से तोड़ दिया। वे बताते हैं कि सर्जरी से पहले उनके दांत उनकी डिप्रेशन की सबसे बड़ी वजह थे। लगातार दर्द के कारण वे ठीक से खा नहीं पाते थे, बोलने में भी दिक्कत होती थी। मुस्कुराना उन्होंने जैसे छोड़ ही दिया था और बाहर निकलने से भी बचते थे।

“पूरी ज़िंदगी मुझे बुली किया गया, अलग-अलग नाम दिए गए और कई मौके हाथ से निकल गए,” जॉनाथन कहते हैं। “सालों तक मुझे हॉर्स माउथ कहा जाता रहा। यहां तक कहा गया कि मैं सेब को टेनिस रैकेट से खा सकता हूं। इन सब वजहों से डेटिंग की हिम्मत भी टूट गई थी। कुछ डेट्स पर तो सामने से कह दिया गया कि मेरे दांत भयानक हैं और वे मेरे साथ नहीं दिखना चाहतीं।”

सर्जरी ने बदल दी किस्मत

जॉनाथन ने दांतों की परेशानी से छुटकारा पाने के लिए तुर्की जाकर डेंटल इम्प्लांट्स करवाने का फैसला किया। एक साल की रिसर्च के बाद उन्होंने सर्जरी करवाई, जिसमें करीब 2 घंटे 45 मिनट लगे। दर्द कम हुआ, सिर्फ कुछ दिन सूजन रही। तुर्की में यह इलाज 9,500 पाउंड में हुआ, जबकि ब्रिटेन में इसकी कीमत कहीं ज्यादा थी। नए दांत लगने के बाद जॉनाथन की ज़िंदगी बदल गई अब वे आत्मविश्वास से भरे हैं और खुद को आईने में देखकर खुश हो जाते हैं।

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